कांग्रेस ने बनाया राजस्थान के लिए फार्मूला , रार के बीच रिवाज बदलने की कोशिश

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बीरेंद्र कुमार झा

हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में बदलाव का रिवाज बरकरार रखते हुए जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस पार्टी, राजस्थान में रिवाज बदलना चाहती हैं। पार्टी को भरोसा है कि विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर वह झारखंड में फिर सरकार बनाएगी।इस भरोसा पर खरा उतरने के लिए पार्टी ‘ मिशन सरकार रिपीट’ पर काम कर रही है।गौरतलब है की आमतौर पर राजस्थान में हर 5 साल में बदलाव का रिवाज है।

गहलोत की योजनाएं जगा रही है उम्मीद

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिस तरह योजनाओं का ऐलान और उन्हें लागू किया है उससे कांग्रेस को उम्मीद जगी है। हालांकि मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता पायलट सचिन पायलट के बीच का रार अभी बरकरार हैं। इससे सरकार की चुनौतियां बढ़ी हैं।
वही कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा की अशोक गहलोत ने चुनावी वर्ष में जिस तरह योजनाओं की घोषणा की और उन्हें लागू किया है, उससे यहां की स्थिति में काफी बदलाव आया है। योजनाओं के साथ पार्टी संगठन को मजबूत करने और सभी को साधने पर भी जोर दे रही है ।वहीं कांग्रेस अपनी कमजोर सीट पर अलग से रणनीति बना रही है।

कई कल्याण बोर्ड का गठन

चुनाव से पहले अलग-अलग समाजों को साधने की रणनीति के तहत प्रदेश सरकार ने कई कल्याण बोर्ड का गठन किया है। इसमें गुर्जर समाज के आराध्य भगवान देवनारायण की जयंती पर अवकाश की घोषणा और महाराणा प्रताप सहित एससी व ओबीसी से जुड़ी तीन बोर्ड को मंजूरी देना शामिल है, ताकि सर्व समाज का साथ मिल सके।

सर्वे के आधार पर दिए जायेंगे प्रत्याशियों को पार्टी का टिकट टिकट

इसके साथ ही पार्टी राजस्थान कांग्रेस संगठन के पेंच भी कस रही है।पार्टी इस माह के अंत में विधायकों का सम्मेलन करने की तैयारी कर रही है, ताकि चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके। पार्टी ने उम्मीदवारों को लेकर एक सर्वे भी कराया है।पार्टी के एक नेता के मुताबिक कर्नाटक की तरह राजस्थान में भी सर्वे के आधार पर ही उम्मीदवार को टिकट दिया जाएगा।

कमजोर सीट को लेकर बना रही विशेष रणनीति

कांग्रेस ने कमजोर सीटों को लेकर अलग से विशेष रणनीति बनाई है। प्रदेश में करीब 40 ऐसी सीटें हैं ,जहां वर्ष 2013 और 2018 में पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी इन सीटों पर संगठन को मजबूत करने के साथ संभावित उम्मीदवारों को तलाश रही है। एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक इन सीटों पर पार्टी नए चेहरों को मौका दे सकती है।

मेवाड़ वागड़ क्षेत्र एक ऐसा ही क्षेत्र है जिसपर कांग्रेस की विशेष नजर है।वर्ष 2018 के चुनाव में पार्टी को इस क्षेत्र में 28 में से सिर्फ 10 सीटें मिली थी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस क्षेत्र पर खास ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि राजस्थान में बदलाव के रिवाज को बदलने के लिए कांग्रेस को हर क्षेत्र में खासकर मेवाड़ में बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी है।

पार्टी में एकजुटता जरूरी

राजस्थान में कांग्रेस बदलाव के रिवाज को बदलने की तैयारी कर रही है। कर्नाटक चुनाव में जीत के बाद पार्टी का अपनी योजनाओं को लेकर भरोसा भी बढ़ा है,लेकिन इसके लिए संगठन में एकजुटता भी बेहद जरूरी है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व की तमाम कोशिशों के बावजूद अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच का झगड़ा खत्म नहीं हुआ है।

योजनाएं जिन पर है कांग्रेस को भरोसा

2023 ईसवी में राजस्थान मैं होने वाले विधानसभा चुनाव में जिन योजनाओं से विशेष वोट मिलने की संभावना है उन योजनाओं में पुरानी पेंशन योजना,₹500 में रसोई गैस सिलेंडर,चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना, 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली ,शहरी रोजगार गारंटी योजना ,महिलाओं को बस किराए में 50 फ़ीसदी की छूट और सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि शामिल है।

 

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