चुनावी दुदुम्भी में महंगाई गायब , यही है भक्त जनता का अमृतकाल !

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अखिलेश अखिल 
कौन कहता है कि इस देश में महंगाई है ? महंगाई होती तो आज जनता सड़को पर होती और सरकार के पसीने निकलती लेकिन जनता तो खुश है। चारो तरफ चुनाव का शोर है। चुनावी नगारे की आवाज गूंज रही है और चुनावी सभाओं में लाखों की भीड़ पहुँच रही है। सरकार के लोग जनता से बात करते हैं और चुनाव में फिर मोदी सरकार की वापसी की बात करते हैं। जनता खूब ताली बजा रही है और जयघोष भी। क्या इस वातावरण में किसी बदलाव की कल्पना आप कर सकते हैं।

पिछले दिनों ऑक्सफेम की रिपोर्ट आयी। कहा गया कि इस देश के एक फीसदी धनी के पास ही देश की आधी संपत्ति है और बाकी आबादी के पास गरीबी। लेकिन इस रिपोर्ट पर कोई चर्चा नहीं। जब कोई आवाज ही नहीं तो चर्चा किस बात की !  सरकार अपने अपने हर भाषण में अमृतकाल की चर्चा करती है। जब देश में जनता गूंगी ,बहरी ाभूर भक्ति में लीन हो तो अमृतकाल स्थापित होता दीखता है। महंगाई की बात बेमानी ही है।

देश में महंगाई ने आम लोगों का जीना दूभर कर रखा है। पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। जाहिर है तेल की बढ़ी कीमतों की वजह से महंगाई भी बढ़ी है। इन सबके बीच सकार मौन है। पेट्रल-डीजल की कीमतों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा, “कच्चे तेल के भाव जमीन पर, लेकिन पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान पर। मोदी सरकार = जनता से लाखों-करोड़ों की लूट अपरंपार!”       खड़गे ने इस ट्वीट के साथ एक ग्राफिक्स भी शेयर किया है। ग्राफिक्स में समझाया गया है कि कैसे सरकार देश की जनता से तेल के जरिए ‘खुली लूट’ कर रही है। ग्राफिक्स में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, बीते 7 महीनों में कच्चे तेल की कीमत में 32 फीसदी की गिरावट आई है, बावजूद इसके मोदी सरकार ने तेल के दाम नहीं घटाए।

आंकड़ों के मुताबिक, इस समय मुंबई में पेट्रोल 106.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.27 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। लेकिन जो इस समय अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत है उसके हिसाब से देश की जनता को 18 रुपये कम में तेल दिया जा सकता है। आंकड़ों के मुताबिक, अगर सरकार चाहे तो जनता को राहत देते हुए पेट्रोल 88.31 रुपपे प्रति लीटर और डीजल 76.27 रुपये प्रति लीटर दे सकती है। लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है और जनता को महंगे दाम में तेल खरीदना पड़ रहा है।

अब इस पर बात कौन करे ! क्या इन बातों का कोई असर जनता पर पडेगा ? बीजेपी की यही राजनीति सफल है। सब कुछ जनता के खिलाफ होते हुए भी जनता बीजेपी के साथ है। विपक्ष को समझना चाहिए। विपक्ष की राजनीति आगे कितनी सफल होगी इसे देखना होगा।

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