IND vs ENG 3rd T20I: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम का संघर्ष लगातार जारी है। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे मुकाबले में भारत की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 76 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड ने इस एकतरफा मुकाबले को 125 रन के बड़े अंतर से अपने नाम करते हुए सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। इस हार के साथ भारतीय टीम के नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हो गए, जिन्हें वह शायद ही याद रखना चाहेगी। आइए जानते हैं इस मुकाबले से जुड़े पांच बड़े रिकॉर्ड।
1. टी20 इंटरनेशनल में भारत का दूसरा सबसे कम स्कोर
भारतीय बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके और पूरी टीम केवल 76 रन ही बना सकी। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का दूसरा सबसे कम टीम स्कोर है। इससे पहले सबसे कम स्कोर 74 रन था, जो 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बना था।
2. जीत का सबसे लंबा सूखा
भारतीय टीम पिछले पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में जीत दर्ज नहीं कर सकी है। इस दौरान उसे चार मैचों में हार मिली, जबकि एक मुकाबला बिना नतीजे के समाप्त हुआ। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का सबसे लंबा जीतविहीन क्रम बन गया है।
3. सबसे कम ओवर में ऑलआउट होने का रिकॉर्ड
भारत की पूरी पारी सिर्फ 11.4 ओवर में समाप्त हो गई। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह पहली बार है जब भारतीय टीम इतनी जल्दी ऑलआउट हुई है। इससे पहले सबसे कम ओवर तक बल्लेबाजी करने का रिकॉर्ड 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 17.2 ओवर का था।
4. रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार
इंग्लैंड ने भारत को 125 रन के विशाल अंतर से हराया। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रनों के हिसाब से यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी हार है। इससे पहले सबसे बड़ा हार का अंतर 80 रन था, जो 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ देखने को मिला था।
5. पावरप्ले में ही आधी टीम पवेलियन
भारतीय बल्लेबाजी की खराब शुरुआत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम ने पावरप्ले के भीतर ही अपने शुरुआती पांच विकेट गंवा दिए। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के साथ पहली बार ऐसा हुआ है कि शुरुआती छह ओवर के अंदर ही पांच बल्लेबाज आउट हो गए।
हार ने बढ़ाई चिंता
इस मुकाबले में भारतीय टीम बल्लेबाजी, साझेदारी और मैच की परिस्थितियों के अनुसार खेलने—तीनों मोर्चों पर संघर्ष करती नजर आई। अब सीरीज में वापसी के लिए अगले मुकाबलों में टीम को हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

