भारत में LPG और तेल की किल्‍लत होगी खत्‍म, PM मोदी के UAE दौरे से 6 बड़े फायदे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का एक छोटा सा दौरा किया। यह दौरा छोटा इसलिए है क्योंकि पीएम सिर्फ चार घंटे ही यूएई में रुके। हालांकि इस दौरान उन्होंने ना सिर्फ यूएई प्रसिडेंट शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक की बल्कि कई अहम समझौतों का ऐलान भी दोनों पक्षों ने किया। पीएम मोदी की इस छोटे दौरे से भारत के लिए बड़े फायदे हो सकते हैं। खासतौर से उर्जा क्षेत्र में हिए समझौते राहत का सबब बन सकते हैं।

पीएम मोदी के यूएई के इस दौरे पर भारत रक्षा, ऊर्जा और इंफ़्रास्ट्रक्चर से जुड़े समझौते किए हैं। ये इसलिए खास है क्योंकि पश्चिम एशिया में उथल-पुथल के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री रास्तों में आई रुकावट ने भारत की उर्जा सुरक्षा को भी प्रभावित किया है। भारत और यूएई में ये अहम समझौते हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दौरे का सबसे अहम नतीजा या कामयाबी रक्षा साझेदारी के फ्रेमवर्क पर सहमति है। भारत और यूएई के बीच शुक्रवार को रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए फ्रेमवर्क पर समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

यह समझौता सामान्य सैन्य अभ्यासों से आगे बढ़कर उन्नत रक्षा तकनीकों के संयुक्त विकास की बात कहता है। यह समझौता सह-उत्पादन, खुफिया जानकारी साझा करने और आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित है।

कच्चे तेल के बाजारों में उतार-चढ़ाव और क्षेत्रीय तनावों के कारण आपूर्ति में रुकावटों के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह भारत के लिए ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
इस समझौते में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC), जो भारत के भूमिगत भंडारों में तेल जमा करने वाली एकमात्र विदेशी संस्था है, के साथ रणनीतिक सहयोग गहरा करता है। इससे यूएई को उसकी बढ़ी हुई कच्चे तेल उत्पादन क्षमता के लिए एक स्थिर दीर्घकालिक बाजार मिलता है।

लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीची की आपूर्ति पर भी एक समझौता किया गया है। इसका उद्देश्य भारत को स्थिर और दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना है। भारत इसके जरिए अपने एलपीजी आयात को सुरक्षित करते हुए इसमें विविधता लाना चाहता है।

यह समझौता इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) और ADNOC के बीच हुआ है, जो यूएई से ईंधन की दीर्घकालिक और प्राथमिकता वाली आपूर्ति सुनिश्चित करता है। यह आपूर्ति भारत की घरेलू एलपीजी जरूरतों का करीब आधा (40 प्रतिशत) पूरा करती है।

गुजरात के वडिनार में एक जहाज मरम्मत केंद्र स्थापित करने के लिए भी MoU पर हस्ताक्षर किए गए। इस परियोजना से भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे के इकोसिस्टम को मजबूती और जहाजों की मरम्मत के लिए एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में भारत की स्थिति को समर्थन मिलेगा।

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