बीरेंद्र कुमार झा
भारतीय रुपया इंटरनेशनल करेंसी बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 18 देशों ने पहले ही रुपए में कारोबार करने की अपनी मनसा जाहिर की थी। हाल ही में फ्रांस के साथ यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस को लेकर समझौता हुआ है और अब सऊदी अरब के साथ भी क्रॉस बॉर्डर ट्रांजैक्शन के लिए रीयलटाइम लिंक स्थापित करने को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं । यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई के दौरे के दौरान हुआ।इसके अलावा दोनों देशों के बीच में अबू धाबी में आईआईटी दिल्ली का कैंपस स्थापित करने को लेकर भी एक एमओयू पर साइन किए गए। यूएई में 30 फ़ीसदी आबादी भारतीयों की है और यहां कम से कम 35 करोड़ भारतीय रहते हैं। फरवरी 2022 में दोनों देशों के बीच कंप्रिहेंसिव इकोनामिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट हुआ था जिसके बाद दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार में तेजी आई है।
आरबीआई और यूएई सेंट्रल बैंक में समझौता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई दौरा के दरमियान दोनों देशों के बीच आपस में राष्ट्रीय मुद्रा के विनिमय और पेमेंट मैसेजिंग सिस्टम को इंटरलिंक करने को लेकर एक समझौता हुआ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी कि दोनों देशों में आर्थिक सहयोग को बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय विनिमय को आसान करने के लिए समझौता किया गया है। दोनों देशों के बीच हुए इस डील के बाद पहले ट्रांजैक्शन के तौर पर 12.84 करोड़ की पेमेंट से 25 किलो सोना मुंबई यस बैंक को ट्रांसफर किया गया है।गौरतलब है कि यूएई भारत को चौथे नंबर पर सबसे ज्यादा कच्चा तेल और दूसरे नंबर पर एलपीजी और एलएनजी उपलब्ध कराता है।
यूएई में रहने वाले भारतीयों को मिलेगा लाभ
यूएई में रहने वाले भारतीयों को इस समझौते का लाभ मिलेगा। लोग आसानी से रूपे कार्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे और आरटीजीएस एवं आइएमपीएस के माध्यम से रुपए ट्रांसफर कर सकेंगे। रुपए और दिरहम को बढ़ावा देने के लिए इसे लोकल करंसी सेटेलमेंट सिस्टम में लाया जा रहा है।आरबीआई का कहना है कि दोनों ही तरफ से निवेश में आसानी होगी।
इस समझौते के बाद दोनों देशों के सेंट्रल बैंक भारत के यूपीआई और यूएई के इंस्टेंट पेमेंट प्लेटफार्म को इंटरलिंक कर देंगे। इसके अलावा रूपे और यूएई स्विच को भी इंटरलिंक कर दिया जाएगा। दोनों ही देशों में यह कार्ड वैलिड होंगे।
