यूएनजीए मैं भारत ने कहा – 26/11 की आतंकियों पर कार्रवाई और पीओके में अवैध कब्जा खाली करें पाकिस्तान

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बीरेंद्र कुमार झा

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) मैं पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाया है और पाकिस्तान से मुंबई आतंकवादी हमले की अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है।यूएनजीए की दूसरी समिति के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने कहा कि तकनीकी कुतर्क में पड़ने की वजाय हम पाकिस्तान से मुंबई आतंकवादी हमले के अपराधियों के खिलाफ विश्वसनीय और सत्यापन योग्य कार्रवाई करने का आह्वान करते हैं, जिनके पीड़ित 15 साल बाद भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं।

जबरन कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र को खाली करें पाकिस्तान

पेंटल गहलोत ने कहा कि दक्षिण एशिया में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान को तीन कदम उठाने की जरूरत है।पहले सीमा पार आतंकवाद को रोकना और उसके आतंकवाद की बुनियादी ढांचे को तुरंत बंद करना, दूसरा उसके अवैध और जबरन कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र को खाली करना और तीसरा पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ गंभीर और लगातार हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकना।

यूएनजीए के मंच का दुरुपयोग करता है पाकिस्तान

यूएनजीए की दूसरी समिति के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रथम सचिव पेंटल गहलोत ने कहा कि भारत के खिलाफ आधारहीन और दुर्भावना पूर्ण प्रचार करने के लिए पाकिस्तान इस मंच का दुरुपयोग करता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान एक आदतन अपराधी बन गया है। संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश और अन्य बहुपक्षीय संगठन अच्छे हैं।

जम्मू कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग ,भारत के आंतरिक मामले में दखल न दे पाकिस्तान

भारत ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान मानवाधिकारों पर अपने खराब रिकॉर्ड से हटाने के लिए ऐसा करता है।हम दोहराते हैं कि जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है। जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित मामले पूरी तरह से आंतरिक है ।पाकिस्तान को हमारे घरेलू मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

पाकिस्तान दुनिया में सबसे खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड वाला देश

यूएनजीए में पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान की पहचान दुनिया के सबसे खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड वाले देश के रूप में है। खासकर जब अल्पसंख्यक और महिलाओं के अधिकारों की बात आती है तो पाकिस्तान के लिए अच्छा होगा कि वह पहले अपना घर दुरुस्त कर ले। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का एक ज्वलंत उदाहरण अगस्त 2023 में फैसलाबाद जिला के जारणवाला में अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के खिलाफ बड़े पैमाने पर की गई क्रूरता थी, जहां कुल 19 लोग मारे गए थे।चर्चों को नष्ट कर दिया गया और 89 ईसाइयों के घर जला दिए गए।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति दयनीय

भारत ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों विशेष कर हिंदू सिख और ईसाइयों की महिलाओं की स्थिति दैनिक बनी हुई है पाकिस्तान के अपने मानवाधिकार आयोग द्वारा प्रकाशित एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार अल्पसंख्यक समुदायों की अनुमानित 1000 महिलाएं ऐसी हैं जिसके साथ पाकिस्तान में हर साल अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और शादी का मामला सामने आता है।

 

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