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घटक दलों के दवाब के बीच मोदी मंत्रिमंडल ने ली शपथ,जानें नई सरकार की खासियत

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18वीं लोकसभा चुनाव को लेकर जनता ने जो जनादेश दिया, उसमें कोई भी दल अपने बूते सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी जरूर है, लेकिन 240 सीट प्राप्त करने वाले बीजेपी को अपने बूते बहुमत वाली सरकार बनाने के लिए 32 और एमपी की जरूरत थी। अलबत्ता जनता ने अपने जनादेश में एनडीए गठबंधन को खुद की बहुमत वाली सरकार बनाने की अनुमति जरूर दी है।ऐसे में बीजेपी की सरकार बनाने की निर्भरता एनडीए के सहयोगी दलों पर टिकी हुई है।यही कारण है शनिवार को नरेंद्र मोदी के साथ मंत्रिमंडल के जिन सदस्यों ने राष्ट्रपति भवन में शपथ लिया,उसमें सहयोगी दलों की संख्याअच्छी खासी है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार बनी केंद्र की एनडीए सरकार ,अपनी पिछली दो सरकारों के मुकाबले कई मायनों में काफी अलग है। चाहे सरकार के आकार का मामला हो या फिर बीजेपी और सहयोगी दलों की संख्या की बात या फिर राज्यों के प्रतिनिधित्व का मुद्दा, हर मामले में सरकार में काफी विविधता है।इसमें हर वर्ग और क्षेत्र तक पहुंचने की व्यापकता साफ दिखाई दे रही है।

सहयोगी दलों को महत्व

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 और 2019 ईस्वी में बनी एनडीए की सरकार के वक्त बीजेपी को स्पष्ट बहुमत था। ऐसे में एनडीए के घटक दलों को बहुत ज्यादा महत्व नहीं मिल पाया था। तब एनडीए के घटक दोनों की संख्या भी कम थी और उनका रसूख भी कम था। कई बार तो केंद्रीय मंत्री पदऔर मंत्रालय को लेकर बात इतनी बिगड़ी कि सहयोगी दल सरकार में शामिल ही नहीं हुए।तब बीजेपी ने भी इसकी कोई बड़ी चिंता नहीं की थी।लेकिन इस बार हालात बदला हुआ है,बीजेपी को अपना स्पष्ट बहुमत नहीं है और उसकी सरकार बनाने की निर्भरता सहयोगी दोनों पर टिकी हुई है। ऐसे में सहयोगी दलों को न केवल खासा महत्व दिया गया,बल्कि उनका प्रतिनिधित्व भी सरकार में काफी ज्यादा बढ़ा। एक-एक सीट वाले सहयोगी दल भी कैबिनेट मंत्रालय हासिल करने में सफल रहे।

सरकार का आकार

नरेंद्र मोदी सरकार मुख्य रूप से मिनिमम गवर्नमेंट और मैक्सिमम गवर्नेंस के सिद्धांत पर काम करती रही है, यही कारण है की 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी पहली एनडीए सरकार में 40 मंत्री ही शामिल किए गए थे ।इसमें 24 कैबिनेट 10 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 12 राज्य मंत्री शामिल थे। 2019 ईस्वी में जब बीजेपी ने 300 का आंकड़ा अपने दम पर पार कर लिया तो सरकार का आकार भी बढ़ गया। इसमें 25 कैबिनेट मंत्री,9 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)और 24 राज्य मंत्री शामिल किए गए थे। लेकिन इन दोनों ही मौके पर गठबंधन के सहयोगी दलों की भूमिका काफी सीमित थी, क्योंकि तब बीजेपी के पास अपना खुद का बहुमत था। लेकिन वर्तमान में 240 सीट जीतने वाली बीजेपी के पास अपना खुद का बहुमत नहीं है।ऐसे में नरेंद्र मोदी को तीसरी बार वाली वर्तमान सरकार को एक जंबोजेट सरकार बनानी पड़ी है। इस सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या 72 है,जिसमें 30 कैबिनेट मंत्री, पांच राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )और 36 राज्य मंत्री शामिल है । इस सरकार में राज्यों का प्रतिनिधित्व को देखा जाए तो इस बार सबसे ज्यादा 24 राज्यों का इसमें प्रतिनिधित्व है।

हर बार की तरह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हुआ सरकार में शामिल

2014 ईस्वी में केंद्र की सत्ता संभालने के साथ ही नरेंद्र मोदी ने अपनी हर सरकार में बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्षों को सरकार में शामिल किया है। 2014 में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को केंद्र सरकार में शामिल किया गया था, जबकि 2019 ईस्वी में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को सरकार में शामिल किया गया था। इस बार भी वर्तमान बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को केंद्र की सरकार में शामिल किया गया है।

मंत्रिमंडल में महिला मंत्रियों की स्थिति

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले मोदी 3.0 सरकार में हालांकि महिला मंत्रियों की संख्या कम है और वह दहाई का आंकड़ा भी नहीं छूट सकी है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले मोदी मंत्रिमंडल में कुल 7 महिलाओं को जगह मिली है। इसमें निर्मला सीतारमण, अन्नपूर्णा देवी, अनुप्रिया पटेल, शोभा करंदलाजे, रक्षा खडसे, सावित्री ठाकुर और निमुबेन बम्भानिया शामिल हैं।

मंत्रिमंडल की जातिगत स्थिति

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली फेस 3 के वर्तमान सरकार में तकरीबन हर जातियों के मंत्रियों को हर जाति के लोगों को हर जाति के सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।जातिगत दृष्टिकोण से नरेंद्र मोदी के फेस 3 सरकार का विश्लेषण करने पर यह पाया जाता है कि पीएम मोदी के इस नए मंत्रिमंडल में 21 सवर्ण, 27 ओबीसी, 10 एससी, 5 एसटीऔर 5 अल्पसंख्यक मंत्री शामिल हैं।

मोदी मंत्रिमंडल में एनडीए के घटक दलों की स्थिति

इस बार की मोदी मंत्रिमंडल की बात करें तो एनडीए के 9 दलों के 11 सांसदों को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। अगर विस्तार से देखें तो जनता दल यूनाइटेड से 2, तेलुगु देशम पार्टी से 2, जनता दल सेक्युलर से 1, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से 1, लोक जनशक्ति पार्टी से 1, राष्ट्रीय लोकदल से 1, अपनाq (सोनेलाल) से 1, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया से 1 और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना से 1सांसद को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली है।

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