इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने हाल ही में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार 4 वर्षीय स्नातक कार्यक्रम ( एफवाईयूपी) शुरू किया है । यह व्यापक कार्यक्रम विभिन्न विषयों तक फैला हुआ है और इसे ऑनलाइन और दुरस्थ शिक्षा विधियों के माध्यम से वितरित किया जाएगा। पहुंच के साथ इसे स्टडी बेब्स आफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स (एसडब्ल्यूएवाईएएम) पोर्टल तक भी विस्तारित किया गया है। यूजीसी के अध्यक्ष ममीडाला जगदीश कुमार ने एक बयान में कहा कि आप एफवाईयूपी,जिसे भारतीय उच्च शिक्षा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जाता है। छात्रों के नामांकन के लिए विविध अवसर प्रदान करता है। चाहे इन पाठ्यक्रमों को एक नियमित कार्यक्रम के हिस्से के रूप में करना हो या एक अलग विषय में एक साथ यूजी डिग्री का चयन करना हो, इग्नू का एफवाईयूपी छात्रों के लिए असंख्य संभावनाएं है प्रदान करता है। विद्यार्थी 31 जनवरी तक फॉर्म भर सकते हैं।
कौन-कौन से कोर्स हुए शुरू
आज लॉन्च किए गए कार्यक्रमों में बैचलर आफ कामर्स (बीसीओएमएफ)बैचलर ऑफ़ आर्ट्स (अर्थशास्त्र) बैचलर ऑफ़ आर्ट्स (इतिहास) बैचलर ऑफ़ आर्ट्स (राजनीति विज्ञान) बैचलर ऑफ़ आर्ट्स (मनोविज्ञान) बैचलर ऑफ़ आर्ट्स (लोक प्रशासन) शामिल है ।कला स्नातक ( समाजशास्त्र),कला स्नातक ( मानव विज्ञान), विज्ञान स्नातक ,(जैव रसायन)कला स्नातक (अंग्रेजी) कला स्नातक (हिंदी)कला स्नातक (संस्कृत) कला स्नातक (उर्दू) स्नातक (सामाजिक कार्य) बैचलर आफ आर्ट्स (सुविधा और सेवा प्रबंधन) बैचलर आफ आर्ट्स (दर्शनशास्त्र) और बैचलर आर्ट (पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया) एफवाईयूपी भारतीय उच्च शिक्षा में एक आवश्यक सुधार है और इससे देश भर के छात्रों को इग्नू के एफवाईयूपी में नामांकन करने का अवसर मिलेगा।
इन कोर्सों में छात्रों के लिए है कई विकल्प
यूजीसी के अध्यक्ष ने एक सोशल पोस्ट मीडिया पोस्ट में कहा कि इग्नू के कई पाठ्यक्रम स्वयं पर भी उपलब्ध हैं ।चाहे कोई छात्र इन पाठ्यक्रमों को अपने नियमित कार्यक्रम के हिस्से के रूप में लेना चाहता हो या अपने प्राथमिक अनुशासन से अलग विषय में एक साथ यूजी डिग्री करना चाहता हो, छात्रों के लिए इसमें प्रचुर अवसर है। एफवाईयूपी को नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत लागू किया गया है। एफवाईयूपी के तहत प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए क्रेडिट स्कोर पेश किए जाते हैं और छात्रों के पास शोध के साथ या बिना शोध के 3 साल का ऑनर्स कोर्स या 4 साल का ऑनर्स कोर्स करने का विकल्प होता है।

