दांतों को रखना है कैविटी फ्री तो सिर्फ ब्रश करने से नहीं चलेगा काम

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हमारी मुस्कान केवल चेहरे की खूबसूरती ही नहीं बढ़ाती, बल्कि आत्मविश्वास और पर्सनैलिटी को भी निखारती है। दांत अगर स्वस्थ और मजबूत हों तो खाना चबाना, बोलना और डाइजेशन सब आसान हो जाते हैं। लेकिन लापरवाही बरतने से कैविटी, मसूड़ों की सूजन, दांतों का कमजोर होना या पीला पड़ना जैसी कई ओरल प्रॉब्लम्स जल्दी घेर लेती हैं।

हालांकि, इन परेशानियों से बचने के लिए सिर्फ ब्रश करना काफी नहीं है। दांतों की सही देखभाल के लिए कुछ हेल्दी डेंटल हैबिट्स को अपनाना जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसी कुछ हेल्दी हैबिट्स के बारे में जिन्हें अपनाकर आप जीवनभर अपने दांतों को हेल्दी रख सकते हैं।

दिन में दो बार ब्रश करें- सुबह उठते ही और रात को सोने से पहले ब्रश करना जरूरी है। रात को दांत साफ किए बिना सोना बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है और कैविटी की संभावना बढ़ाता है।
सही तकनीक अपनाएं- ब्रश करते समय धीरे-धीरे गोलाकार मूवमेंट में 2-3 मिनट तक साफ करें। तेजी से ब्रश करना या हार्ड ब्रश इस्तेमाल करना दांतों की इनेमल और मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है।
डेली फ्लॉस करें- फ्लॉसिंग से दांतों के बीच फंसी गंदगी और प्लाक निकल जाता है, जिसे ब्रशिंग अकेले साफ नहीं कर पाती। यह मसूड़ों की सेहत के लिए भी फायदेमंद है।

माउथवॉश का इस्तेमाल करें- एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश बैक्टीरिया को खत्म करता है और सांसों को ताजा रखता है। खासकर उन लोगों के लिए जरूरी है जिन्हें मुंह की बदबू की प्रॉब्लम रहती है।
शुगर सीमित मात्रा में खाएं- ज्यादा मीठा खाने से दांतों पर बैक्टीरिया की परत जम जाती है, जो एसिड बनाकर दांतों को कमजोर करती है। कोल्ड ड्रिंक्स और कैंडीज से दूरी बनाए रखें।
पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें- कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन-डी दांतों के लिए जरूरी हैं। दूध, दही, पनीर, बादाम, हरी सब्जियां और तिल इनके अच्छे सोर्स हैं।
पर्याप्त पानी पिएं- खाना खाने के बाद पानी पीने से दांतों में फंसे कण निकल जाते हैं और मुंह का पीएच बैलेंस बना रहता है। पानी लार को भी एक्टिव रखता है जो नेचुरल क्लींजर का काम करती है।

तंबाकू और धूम्रपान से बचें- यह न केवल दांतों को पीला बनाते हैं, बल्कि मसूड़ों की बीमारी और मुंह के कैंसर का भी खतरा बढ़ाते हैं।
दांतों का सही इस्तेमाल करें- कभी बोतल खोलना, पैकेट फाड़ना या पेन काटना दांतों से न करें। इससे दांत टूट सकते हैं या दरार आ सकती है।
नियमित डेंटल चेकअप कराएं- हर 6 महीने में डेंटिस्ट से जांच कराना जरूरी है। इससे शुरुआती समस्याएं तुरंत पकड़ में आ जाती हैं और बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

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