Homeदुनियाइटली में हुई जी 7 की बैठक से पीएम मोदी भारत लाए...

इटली में हुई जी 7 की बैठक से पीएम मोदी भारत लाए कुछ सौगात या लौटे खाली हाथ

Published on

18वीं लोकसभा चुनाव में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने पर नरेंद्र मोदी ने अपने प्रधानमंत्रीत्व में एनडीए की सरकार बनायी।इस सरकार गठन के बाद अभी 18 वीं लोकसभा का कोई सत्र भी शुरू नहीं हुआ था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 7 की बैठक में शामिल होने के लिए इटली चले गए।सत्ता पक्ष के लिए इतने बड़े सम्मेलन में भाग लेने के लिए पीएम मोदी जा इटली जाना एक उपलब्धि था तो विपक्ष के लिए मौज मस्ती का साधन।ऐसे में जब पीएम मोदी इटली के अपुलीया में आयोजित ग्रुप ऑफ सेवन (जी-7) शिखर सम्मेलन में भाग लेकर भारत लौट चुके हैं,तो यह जानना जरूरी है कि क्या पीएम मोदी इस जी 7 सम्मेलन से भारत के लिए कुछ उपलब्धियां लेकर लौटे हैं या फिर सैर- सपाटा कर खाली हाथ वतन वापसी की है। इटली के अपुलीया में आयोजित जी-7 के शिखर सम्मेलन में भारत का दबदबा साफ नजर आ रहा था।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, जापानी प्रधानमंत्री फूमिओ किशिदा और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सहित कई विश्व नेताओं से मुलाकात की।इस दौरान कई मुद्दों पर बातचीत हुई. कई देश महत्वपूर्ण मुद्दों से निपटने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताते हुए नजर आए।वहीं, यूरोप की ओर से ठोस बुनियादी ढांचे के प्रस्तावों को आगे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता जताई गई।आइए जानते हैं कि इटली में किससे बनी बात और इटली से क्या-क्या लाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

कनाडा में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात रही खास

भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ समय से सिक्ख आतंकवादियों को लेकर रिश्‍तों में काफी तनाव चल रहा है। ऐसे में पीएम मोदी की कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात को बेहद खास माना जा रहा है।कई देशों की नजर इस मुलाकात पर टिकी हुई थीं। जस्टिन ट्रूडो ने शनिवार को कहा कि जी7 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात के बाद कुछ ‘बहुत महत्वपूर्ण मुद्दों’ से निपटने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता है।इसे लेकर ट्रूडो ने जी7 शिखर सम्मेलन के समापन पर मीडिया से कहा कि मैं इस महत्वपूर्ण, संवेदनशील मुद्दे के विवरण में नहीं जाऊंगा, जिस पर हमें आगे काम करने की आवश्यकता है। लेकिन यह आने वाले समय में कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दों से निपटने के लिए एक साथ काम करने की प्रतिबद्धता है। भारत का कहना रहा है कि दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा यह है कि कनाडा अपने भू-भाग से संचालित हो रहे खालिस्तान समर्थक तत्वों को जगह दे रहा है।भारत ने कनाडा को बार-बार अपनी ‘‘गहरी चिंताओं” से अवगत कराया है और नयी दिल्ली को उम्मीद है कि अब ओटावा उन तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी से द्विपक्षीय बातचीत

चर्चित सेल्फी शेयर से हटकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे सहित वैश्विक मंचों तथा बहुपक्षीय प्रस्तावों में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। पीएम मोदी की दक्षिणी इटली के अपुलिया की एक दिवसीय यात्रा के अंत में शुक्रवार को दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई।इस दौरान मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करने के लिए इटली की प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।विदेश मंत्रालय ने बैठक के बारे में जारी विज्ञप्ति में कहा कि नेताओं ने खुले एवं मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपने साझा दृष्टिकोण को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई तथा भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे पर भी चर्चा की। क्षेत्र में चीन की आक्रामक गतिविधियों के बीच विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेता मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपने साझा दृष्टिकोण को पूरा करने की खातिर तैयार रूपरेखा के तहत क्रियान्वित की जाने वाली संयुक्त गतिविधियों के लिए तत्पर हैं।

भारत-जापान द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इटली के अपुलीया में जी-7 शिखर सम्मेलन के मौके पर जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय बैठक की।इस दौरान प्रधानमंत्री ने लगातार तीसरी बार पदभार संभालने पर दी गई बधाई के लिए प्रधानमंत्री किशिदा को धन्यवाद दिया।उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि उनके तीसरे कार्यकाल में भी जापान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्राथमिकता मिलती रहेगी। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी अपने 10वें वर्ष में है और द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने पारस्परिक सहयोग को और मजबूत करने, नए एवं उभरते क्षेत्रों को जोड़ने तथा बीटू बी एवं पीटू पी सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।गौरतलब है कि भारत और जापान कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं, जिसमें ऐतिहासिक मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना (बुलेट ट्रेन) भी शामिल है।यह परियोजना भारत में आवागमन के क्षेत्र में अगले चरण की शुरुआत करेगी।वर्ष 2022-2027 की अवधि में भारत में 5 ट्रिलियन येन मूल्य के जापानी निवेश का लक्ष्य है और भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता साझेदारी का उद्देश्य हमारे मैन्यूफैक्चरिंग संबंधी सहयोग में परिवर्तन लाना है।दोनों नेताओं ने अगले भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में अपनी चर्चा जारी रखने के प्रति उत्सुकता दिखाई।

भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे से खुलेंगी की तरक्‍की की राह

जी7 शिखर सम्मेलन के अंत में औद्योगिक देशों के समूह ने भारत-पश्चिम-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) जैसे ठोस बुनियादी ढांचे के प्रस्तावों को आगे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता जताई।भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) परियोजना के तहत सऊदी अरब, भारत, अमेरिका और यूरोप के बीच एक विशाल सड़क, रेलमार्ग और पोत परिवहन तंत्र की परिकल्पना की गई है ताकि एशिया, पश्चिम एशिया और पश्चिम के बीच जुड़ाव सुनिश्चित किया जा सके।जी7 समिट के आखिर में कहा गया कि हम गुणवत्तापूर्ण अवसंरचना और निवेश की खातिर परिवर्तनकारी आर्थिक गलियारे विकसित करने के लिए जी7 पीजीआईआई (वैश्विक अवसंरचना और निवेश के लिए साझेदारी) के ठोस प्रस्ताव, प्रमुख परियोजनाओं और पूरक प्रस्तावों को बढ़ावा देंगे, जैसे कि लोबिटो कॉरिडोर, लुजोन कॉरिडोर, मिडिल कॉरिडोर और भारत-पश्चिम एथिया-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर के लिए हमारे समन्वय तथा वित्तपोषण कार्यक्रम को मजबूत करना, इसके साथ ही ईयू ग्लोबल गेटवे, ग्रेट ग्रीन वॉल पहल और अफ्रीका के लिए इटली द्वारा शुरू की गई मैटेई योजना को तैयार करना है।

Latest articles

कांग्रेस संगठन में होगा बड़ा उलटफेर, कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की तैयारी

लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद अब कांग्रेस पार्टी इस सफलता को और...

अखिलेश यादव ने दिया ‘मॉनसून ऑफर’, बीजेपी ने ऑफर का दिया जवाब

लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक सीट जीतने के बाद अब समाजवादी...

यूपी में सियासी हलचल तेज,पीएम मोदी से मिले भूपेंद्र चौधरी,राज्यपाल आनंदीबेन से सीएम योगी ने की मुलाकात

      लोकसभा चुनाव में बीजेपी को यूपी में उम्मीद से काफी कम सीटें मिलने से...

ऐश्वर्या राय संग तलाक की अफवाहों के बीच अभिषेक बच्चन ने सोशल मीडिया पर किया ये काम, उठने लगे सवाल

अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी में देश और दुनियाभर से कई बड़े...

More like this

कांग्रेस संगठन में होगा बड़ा उलटफेर, कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की तैयारी

लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद अब कांग्रेस पार्टी इस सफलता को और...

अखिलेश यादव ने दिया ‘मॉनसून ऑफर’, बीजेपी ने ऑफर का दिया जवाब

लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक सीट जीतने के बाद अब समाजवादी...

यूपी में सियासी हलचल तेज,पीएम मोदी से मिले भूपेंद्र चौधरी,राज्यपाल आनंदीबेन से सीएम योगी ने की मुलाकात

      लोकसभा चुनाव में बीजेपी को यूपी में उम्मीद से काफी कम सीटें मिलने से...