बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत और योगगुरु रामदेव के बीच पिछले कुछ दिनों से वार-पलटवार चल रहा है। हाल ही में कंगना रनौत ने रामदेव को लेकर एक तीखी टिप्पणी की थी। इस पर पलटवार करते हुए रविवार को रामदेव ने कहा कि वह ओछे लोगों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
दोनों के बीच वार-पलटवार का यह सिलसिला तब शुरू हुआ, जब कंगना रनौत के Gen-Z को ‘गटर जनरेशन’ बताने वाले बयान पर रामदेव ने टिप्पणी की थी। कंगना ने जब एक पीढ़ी को ‘गटर जनरेशन’ बताया तो रामदेव ने कहा कि ‘मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता।युवाओं को ‘जनरेशन गटर’ कहना खराब सोच की निशानी है।’ इसके बाद कंगना ने तंज कसते हुए कहा था-कि ‘मेरी जवानी या बेडरूम के ख्याली पुलाव मत पकाइए।
रामदेव से जब रविवार को कंगना रनौत की टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि क्या बोलूं मैं अभी, विवाद को बढ़ाना देना नहीं चाहता। स्वामी रामदेव क्या है, यह देश जानता है। स्वामी रामदेव का योगदान क्या है, यह देश जानता है। इसलिए मैं ओछे लोगों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।
पउन्होंने यह भी कहा है कि वन नेशन-वन इलेक्शन को संतों ने आशीर्वाद दे दिया है उन्होंने कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव से शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा। अभी तो ऐसा लगता है कि साल भर चुनाव ही चलते रहते हैं, जिससे विकास कार्यों में बाधा आती है.।इससे देश तरक्की की राह पर और तेजी से आगे बढ़ेगा।यह पहल हमारे लोकतंत्र को मजबूत करेगी और प्रधानमंत्री चुनावी सुधारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
रामदेव ने यह भी कहा कि एससी/एसटी समुदाय का अपमान संविधान के खिलाफ है तो ब्राह्मण का अपमान भी संविधान के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि मैं कहूंगा कि छात्रों, मरीज़ों, सैनिकों और किसानों, SC/ST समुदायों के सदस्यों और ब्राह्मणों के साथ भी अन्याय होता है। आज, अगर कोई SC/ST व्यक्ति का अपमान करता है, तो हर कोई लोकतंत्र और संविधान की बात करता है और इसे असंवैधानिक बताता है। अगर SC/ST व्यक्ति का अपमान संविधान के खिलाफ है, तो ब्राह्मण का अपमान भी संविधान के खिलाफ है।

