शिमला में मस्जिद के खिलाफ सड़क पर उतरे हिंदू संगठन, प्रोटेस्ट के दौरान तोड़ी बैरिकेडिंग

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न्यूज डेस्क
शिमला के संजौली में मस्जिद के अवैध निमार्ण पर नगर निगम आयुक्त की अदालत में 14 साल से मामला लंबित रहने से जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों में इस मुद्दे पर बुधवार को आक्रोश देखने को मिला। हिंदू संगठनों ने विरोध में प्रदर्शन किया और ढांचा गिराने की मांग की। संजौली में हिंदू संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अवैध निमार्ण गिराने की मांग दोहराते हुए बड़े पैमाने पर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया,जिस पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाई और पानी की बौछारें छोड़ी। इसमें पांच पुलिसकर्मी व छह प्रदर्शनकारी घायल हुए,इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इस बीच प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिह ने कहा कि यदि निमार्ण अवैध है तो गिराया जाएगा। देर शाम सरकार ने नगर निगम के वास्तुकार महबूब अली शेख का तबादला कर दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मामले की रिपोर्ट मांगी है। प्रदर्शन के कारण संजौली व आसपास स्कूलों में बच्चों की छुट्टी के बाद भी स्कूलों में ही शाम पांच बजे तक रोके रखा गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाने की निंदा की है। उन्होंने अस्पताल में घायलों से मिलकर उनका हालचाल पूछा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा को बुलाकर कानून व्यवस्थाा मामले पर चर्चा की। प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। मस्जिदों व मुस्लिम आबादी के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। बुधवार सुबह ने मस्जिद की और जाने वाला रास्ता बंद कर दिया था इसके बाद भी प्रदर्शनकारी बैरिकेट्स तोड़कर आगे बढ़े। पुलिस ने मस्जिद से 200 मीटर पहले फिर बैरिकेट्स लगा दिये। यहां प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्कामुक्की हुई। पुलिस ने हिंदू जागरण मंच के पूर्व प्रांत महामंत्री कमल गौतम को सुबह ही हिरासत में ले लिया था।

क्या है मामला?

संजौली में पाच मंजिला अवैध मस्जिद निर्माण का हिंदू संगठन विरोध कर रहे हैंऔर इसे गिराने की मांग कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड का दावा है कि उसने अपनी जमीन पर ​मस्जिद बनाई है। मस्जिद का निमार्ण करने वाली कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ का कहना है कि उन्होंने नीचे की मंजिले बनाई हैं,ऊपर की मंजिले किसने बनाई ,उन्हें जानकारी नहीं है। मामले में नगर आयुक्त की अदालत में पांच अक्टूबर को सुनवाई होगी।

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