बीरेंद्र कुमार झा
हिमाचल प्रदेश में पिछले 72 घंटे से बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है ।राज्य में चार राष्ट्रीय राजमार्ग और लगभग 857 सड़कें, धसने अथवा मालवा गिरने के कारण बंद है। सूबे में लगभग 4250 बिजली ट्रांसफार्मर और 889 जलापूर्ति योजनाएं भी बंद है। राज्य में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। राज्य के मंडी, कुल्लू और शिमला जिले प्राकृतिक आपदा के कारण बुरी तरह से प्रभावित हैं ।मौसम विभाग के मुताबिक बारिश का यह सिलसिला जल्द थमने वाला नहीं है।
जारी की गई भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से अगले 24 घंटे के दौरान सुबह के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग की ओर से सुबह में एक बार फिर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार यानी 16 अगस्त को भी मौसम खराब रहेगा।आईएमडी के मुताबिक सूबे के लोगों को हाल-फिलहाल ,बारिश से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है।
मौसम विभाग ने 21 अगस्त तक राज के कई भागों में बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है lकांगड़ा मंडी और शिमला जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। अगले दो दिनों के दौरान हिमाचल प्रदेश में और अगले चार-पांच दिनों के दौरान उत्तराखंड में छिटपुट और भारी बारिश जारी रहेगी। उत्तराखंड में 15 से 19 अगस्त के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
हादसे ने मचाई है भारी तबाही
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 26 लोग लापता बताए जाते हैं, जिनके मलबे में दबे होने या बह जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। ऐसे में मृतकों की संख्या ज्यादा भी हो सकती है।मंडी जिला में सर्वाधिक 23,राजधानी शिमला में 16, सोलन में 11, कांगड़ा और हमीरपुर में 3- 3 ,चंबा कुल्लू और सिरमौर में एक-एक व्यक्ति की इन हादसों में जान गई है। वही शिमला से 20, मंडी से 3 हमीरपुर से 2 और सिरमौर से 1 व्यक्ति लापता है।शिमला शहर में जगह-जगह 200 से अधिक पेड़ गिर गए हैं, जिसके कारण अनेक घरों को नुकसान पहुंचा है।मंडी में लगभग 327 तो शिमला में 234 सड़कें बंद है। इसी तरह मंडी जिले में लगभग 2610 और शिमला में 808 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं।

