Bihar News: पटना के लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, इलाज की व्यवस्था, पैथोलॉजी सेवाओं, दवा वितरण, भोजन की गुणवत्ता और निर्माणाधीन नए अस्पताल भवन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि सहित विभाग और अस्पताल प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
ट्रॉमा सेंटर से शुरू हुआ निरीक्षण, मरीजों से लिया फीडबैक
स्वास्थ्य मंत्री ने निरीक्षण की शुरुआत ट्रॉमा सेंटर से की, जहां उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर इलाज और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। मरीजों से मिली शिकायतों के आधार पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

गंदगी और जांच में देरी पर जताई नाराजगी
वार्ड, ओपीडी और शौचालयों के निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताते हुए स्वच्छता व्यवस्था में तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी पाया कि ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और अन्य पैथोलॉजी जांच में अनावश्यक देरी हो रही है। इस पर पैथोलॉजी विभाग को 24 घंटे संचालित करने तथा लैब टेक्नीशियन और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।
इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश कुमार चौधरी को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों के इलाज और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल में सामने आई कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने को कहा।
बिना एप्रन मिले डॉक्टर, ड्रेस कोड का पालन करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने कुछ चिकित्सकों को बिना एप्रन के कार्य करते पाया। उन्होंने सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्धारित ड्रेस कोड का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए।

दवा केंद्र और मरीजों के भोजन की भी हुई जांच
स्वास्थ्य मंत्री ने दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। इसके साथ ही अस्पताल की कैंटीन का भी जायजा लिया और मरीजों को समय पर स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
400 बेड वाले नए अस्पताल भवन का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन 400 बेड के नए अस्पताल भवन और एमआरआई केंद्र की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि भवन का निर्माण कार्य अगस्त 2026 तक पूरा होने की संभावना है, जबकि सितंबर 2026 से इसमें मरीजों का इलाज शुरू करने की तैयारी है। मंत्री ने मरीजों की शिकायत पर ओपीडी में खराब पड़े एयर कंडीशनर (AC) को भी जल्द दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
अनुपस्थित वरिष्ठ सर्जन को शो-कॉज नोटिस

औचक निरीक्षण के दौरान एक वरिष्ठ सर्जन बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। स्वास्थ्य मंत्री ने फोन पर उनसे बातचीत की, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर विभागीय स्तर पर शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।इसके अलावा एक न्यूरोसर्जन के खिलाफ मरीज को बाहरी जांच लिखने की शिकायत मिलने पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
रिक्त पदों को जल्द भरने की तैयारी
निरीक्षण के बाद हुई समीक्षा बैठक में अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ, रेडियोलॉजिस्ट, लैब टेक्नीशियन और अन्य आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की कमी पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी रिक्त पदों की सूची जल्द तैयार कर विभाग को भेजने के निर्देश दिए, ताकि नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सके।

