Homeदेशएक रोटी से नहीं भरता पेट,कम से कम दो तो दीजिए,जीतन राम...

एक रोटी से नहीं भरता पेट,कम से कम दो तो दीजिए,जीतन राम मांझी का प्रेशर पॉलिटिक्स

Published on

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रियों में विभागों का बंटवारा कर दिया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन को अनुचित जातिऔर अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग दिया गया है। जीतन राम मांझी ने इसे लेकर सवाल उठाया है। हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने एक बार फिर बीजेपी- जदयू पर दबाव बनाते हुए कहा कि हमारा एक रोटी से पेट नहीं भरता है, कम से कम दो रोटी तो दीजिए। जीतन राम मांझी का कहना है कि हमारा एक रोटी से पेट नहीं भरता है तो हम दो-तीन रोटी की मांग करेंगे, कम से कम दो रोटी तो देंगे। गरीबों के लिए काम करना है।हमको अच्छा विभाग भी चाहिए।अपने नेता से इसके लिए मांग रखे हैं।जीतन राम मांझी के इस मांग पर ध्यान दिया जाए तो बिहार में फ्लोर टेस्ट से पहले यह इनका एक बड़ा प्रेशर पॉलिटिक्स है, जो जेडीयू- बीजेपी को परेशान कर इन्हें लाभ पहुंचा सकता है।

जीतन राम मांझी ने नीतीश से मांगा पद निर्माण विभाग

अपने बेटे संतोष सुमन को मिले एससी – एसटी कल्याण विभाग को लेकर जीतन राम मांझी ने इसे मुद्दा बनाते हुए अपना असंतोष जाहिर किया है। जीतन राम मांझी ने हम कोटे से मंत्री बने संतोष सुमन को एससी-एसटी कल्याण विभाग मिलने पर गया में खुलेमंच से कहा कि मैं जब मंत्री था तब मुझे भी यही विभाग मिला था और अब मेरे बेटे संतोष को भी यही विभाग मिलता है। उन्होंने सवाल किया किया कि क्या पथ निर्माण और भवन निर्माण विभाग का काम हम लोग नहीं कर सकते हैं? मुझे इस बात का दुख है।

महत्वपूर्ण विभाग चाहता है हम पार्टी

दरअसल बिहार की सियासत में इस समय दांव – पेंच से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। हम पार्टी की कोशिश है की नई सरकार में एक महत्वपूर्ण विभाग लिया जाए या एक और मंत्री की मांग को आगे बढ़ाया जाए,क्योंकि जीतन राम मांझी के बारे में चर्चा होती रही है कि वह महागठबंधन खेमे के संपर्क में भी हैं। ऐसी खबरें बार-बार आई और मंत्री संतोष सुमन ने इन खबरों को खारिज किया।

संतोष सुमन को देनी पड़ी सफाई

रविवार देर शाम भी एक चर्चा सामने आई थी कि जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन ने नई सरकार के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इस बात की चर्चा इतनी ज्यादा होने लगी कि बाद में खुद संतोष सुमन ने ट्वीट करके कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है और मैं एनडीए के साथ हूं। चर्चाएं कई तरह की हो रही है।

Latest articles

राजस्थान में 73 हजार से अधिक बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने किया घर से मतदान

न्यूज़ डेस्क राजस्थान में लोकसभा आम चुनाव में अब तक 73 हजार से अधिक बुजुर्ग...

  राज्यपाल द्वारा विधेयको को मंजूरी देने मे ढिलाई का आरोप वाली जनहित याचिका पर सुनवाई

राज्यपाल को लेकर अक्सर यह आरोप लगाते रहते हैं कि ये केंद्र सरकार के...

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की आज फिर पीएम मोदी की शिकायत

न्यूज़ डेस्क कांग्रेस ने आज फिर से  निर्वाचन आयोग से प्रधानमंत्री मोदी की शिकायत की...

अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका, इंसुलिन की मांग व डॉक्टर से परामर्श वाली याचिका खारिज

इन दिनों जब से अरविन्द केजरीवाल ईडी के हाथों गिरफ्तार होकर पहले ईडी के...

More like this

राजस्थान में 73 हजार से अधिक बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने किया घर से मतदान

न्यूज़ डेस्क राजस्थान में लोकसभा आम चुनाव में अब तक 73 हजार से अधिक बुजुर्ग...

  राज्यपाल द्वारा विधेयको को मंजूरी देने मे ढिलाई का आरोप वाली जनहित याचिका पर सुनवाई

राज्यपाल को लेकर अक्सर यह आरोप लगाते रहते हैं कि ये केंद्र सरकार के...

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की आज फिर पीएम मोदी की शिकायत

न्यूज़ डेस्क कांग्रेस ने आज फिर से  निर्वाचन आयोग से प्रधानमंत्री मोदी की शिकायत की...