न्यूज़ डेस्क
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी अगले साल ही होना है। जब भारत में प्रधानमंत्री का चुनाव होगा ठीक उसी समय अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होना है। भारत में लोकसभा का चुनाव हर पांच साल पर होता है जबकि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव हर चार साल पर होता है। लेकिन अगले साल के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कई दावेदार मैदान में आ गए हैं। पहले से ,मैदान में मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन तो होगे ही इसके साथ ही पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप भी मैदान में उतरेंगे।
यह बात और है कि हालिया कुछ घटना को लेकर ट्रंप के प्रति लोगों की विश्वश्नीयता में कमी आई है लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने का ऐलान कर रखा है। इसके साथ ही निकी हेली भी मैदान में उतरेगी। भारतीय मूल के विवेक रामस्वामी भी अगले साल अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए दौड़ में शामिल हैं। हाल ही में इस लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया है। और वो नाम है अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस का। पेंस ट्रंप के करीबी रह चुके हैं। ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान ही पेंस देश के उपराष्ट्रपति थे। ऐसे में अब दोनों को चुनावी मैदान पर एक-दूसरे के सामने देखना दिलचस्प होगा।
पेंस ने 2024 में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए नामांकन भरते हुए सभी कागजी कार्यवाही पूरी कर ली है। वह 7 जून को अपने चुनावी अभियान की आधिकारिक शुरुआत करेंगे।पेंस के अगले साल अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करने से चुनावी समीकरण काफी बदल जाएंगे। इसकी वजह है पेंस की ट्रंप के साथ पुरानी दोस्ती।
दोनों लंबे समय से दोस्त रहे हैं और 2016-20 तक अमेरिका के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति भी। दोनों ने साथ ही काम किया है। यह बात किसी से भी छिपी नहीं है कि अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर ट्रंप का कार्यकाल विवादों से भरा हुआ था। उन्होंने इस दौरान कई ऐसे फैसले भी लिए जिसके लिए उनकी आलोचना हुई। साथ ही इस दौरान उनके कई राज़ भी ज़रूर रहे, जिन्हें उन्होंने बखूबी छिपाया। 6 जनवरी, 2021 को अमरीका की कैपिटल बिल्डिंग दंगों के बाद ट्रंप और पेंस की दोस्ती में दरार आ गई। पेंस को ट्रंप के कई राज़ पता हो सकते हैं जिनका इस्तेमाल वह ट्रंप के खिलाफ कर सकते हैं।

