न्यूज डेस्क:भारतीय संस्कृति में मोक्ष पर्व के रूप में प्रसिद्ध मकर संक्रांति स्नान के लिए बड़ी संख्या में पुण्यार्थी सागर तट यानि गंगा सागर पहुंचने लगे हैं। दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के अनुसार 2 दिनों में 3 लाख से भी ज्यादा लोगों ने यहां पुण्य स्नान किया है। इस बार कुंभ मेला नहीं लग रहा है, ऐसे में सागर तट पर अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है।
तीरथ बार-बार गंगा सागर एक बार
गंगासागर के लिए कहा जाता है कि सारे तीरथ बार-बार गंगासागर एक बार। दरअसल पुराने जमाने में गंगासागर की यात्रा काफी दुर्गम मानी जाती थी। बिहार के मंदार पर्वत के समीप भागलपुर नाव के द्वारा यात्रा की शुरूआत होती थी और बंगाल सहित तमाम छोटे-मोटे द्वीपों को पार कर विशाल गंगा नदी में लहराती नौका कई दिनों के बाद गंगासागर पहुंचती थी। कितने लोगों की तो यह यात्रा, अंतिम यात्रा साबित हो जाती थी। गजेटियर में नौका डूबने और वर्मा आदि से समुद्री लुटेरों की आने की घटनाएं भरी पड़ी है।
बदलते वक्त में बढ़ी सुविधाएं
बदलते वक्त के साथ गंगासागर की यात्रा भी हाईटेक हो गया है। इस बार यहां बनारस की गंगा आरती की तर्ज पर गंगा आरती की भी शुरुआत हो गई है। मेला पर नजर रखने के लिए अब नई- नई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से मेले पर नजर रखी जा रही है। इस बार गंगासागर मेला के लिए आपदा और सिविल डिफेंस के 1556 वॉलिंटियर तैनात किए गए हैं जो पुण्य स्नान के लिए यहां पहुंचने वाले लोगों की सुरक्षा के साथ परिवार से बिछड़ने वाले लोगों की मदद और बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।
तटरक्षक बल और नौ सेना ने बढ़ाई निगरानी
भारतीय तटरक्षक बल ने गंगासागर मेले के लिए पश्चिम बंगाल में समुद्र तट से लगे क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी कि यहां मेला में पहुंचने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होवरक्राफ्ट, तेज गति वाली गश्ती नौकाओं और इंटरसेप्टर नौकाओं की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में यह व्यवस्था 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। वहीं एनडीआरएफ की 5 टीमें पुण्यार्थियों की सुरक्षा के लिए तैनात की गई है।

