बीरेंद्र कुमार झा
मोदी सरनेम मामले में दोषसिद्धि पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के 3 दिन बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के लोकसभा सदस्यता सोमवार को बहाल कर दी गई,जिसके बाद राहुल गांधी करीब 136 दिनों के बाद संसद पहुंचे।यहां कांग्रेस सांसदों ने उनका भव्य स्वागत किया।संसद में धमाकेदार इंट्री के बाद अब राहुल गांधी नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात भी रखने वाले हैं।
8 अगस्त को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलेंगे राहुल गांधी
सांसद राहुल गांधी 8 अगस्त को लोकसभा में होने वाली अविश्वास प्रस्ताव चर्चा में अपनी बात रखेंगे।संभावना है की कल वे सदन में कांग्रेस की ओर से बहस की शुरुआत करेंगे।सुप्रीम कोर्ट से मोदी सरनेम मामले में राहत मिलने के बाद संसद में सभी राहुल गांधी को सुनने के लिए इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस ने अपने नेता की सदस्यता बहाल होने का स्वागत किया और कहा कि वह चाहती है कि राहुल गांधी लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मुख्य वक्ता हो।इधर सदस्यता बहाल होने के बाद जब राहुल गांधी लोकसभा से निकल रहे थे, तब पत्रकारों ने उनसे प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आप सब भी खुश लग रहे हैं,यह क्या हो रहा है! गौरतलब है कि राहुल गांधी मीडिया पर भी मोदी सरकार के साथ मिले होने का लगातार आरोप लगाते रहे हैं।
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाली को कांग्रेस ने बताया ‘ सत्य की जीत’
राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होने के बाद कांग्रेस में जश्न का माहौल देखा जा रहा है। सुबह से ही पार्टी कार्यकर्ता एक दूसरे को मिठाई बांट रहे हैं राहुल गांधी की सदस्यता वहाली पर सचिवालय ने अपनी अधिसूचना में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 4 अगस्त के फैसले के मद्देनजर राहुल गांधी की अयोग्यता संबंधी 24 मई की अधिसूचना का क्रियान्वयन आगामी न्यायिक फैसले तक रोका जाता है। अधिसूचना में कहा गया है 24 मार्च की अधिसूचना क्रियान्यवायन आगामी न्यायिक फैसले तक रोका जाता है। अधिसूचना में कहा गया है कि 24 मार्च ,2023 की अधिसूचना की निरंतरता में उच्चतम न्यायालय ने चार अगस्त ,2023 को विशेष अनुमति अपील (CRL) संख्या 8644 /2023 को लेकर एक आदेश पारित किया है, जिसमें केरल के वायनाड क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी गई है।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सूरत) की अदालत द्वारा आदेश पारित किया गया था। इसमें आगे कहा गया है कि भारत के सुप्रीम कोर्ट के दिनांक 4 अगस्त के आदेश के मद्देनजर संविधान के अनुच्छेद 102 (1) ई के प्रावधानों के संदर्भ में जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 8 के आलोक में श्री राहुल गांधी की (बतौर सदस्य) अयोग्यता पर रोक लगा दी गई जो आगे न्यायायिक आदेशों पर निर्भर करेगी।
सदस्यता बहाली के बाद दोपहर 12:00 बजे संसद पहुंचे राहुल गांधी
सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी करीब 12:00 बजे संसद भवन पहुंचे और लोकसभा की कार्यवाही में शामिल हुए। संसद भवन पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने सबसे पहले महात्मा गांधी की प्रतिमा को नमन किया और फिर सदन में गए।
संसद भवन के प्रवेश द्वार पर राहुल गांधी का भव्य स्वागत
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीररंजन चौधरी, राज्यसभा में पार्टी के उप नेता प्रमोद तिवारी,समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव,शिवसेना (यूबीटी) के संजय रावत रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के एनके प्रेमचंद्रन और कई अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के प्रवेश द्वार पर राहुल गांधी का स्वागत किया। विपक्षी सांसदों ने ‘ राहुल गांधी संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं और राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी ने ट्विटर प्रोफाइल बदला
सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी ने अपने ट्विटर प्रोफाइल का बेवरा बदला और संसद सदस्य लिखा। सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने के बाद उन्होंने डिसक्वालिफाइड एमपी (अयोग्य ठहराए गए)लिखा था।
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बाहर होने पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया स्वागत
कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी के लोकसभा सदस्यता बहाल होने का स्वागत करते हुए कहा इससे भारत के लोगों खासकर वायनाड संसदीय क्षेत्र की जनता को राहत मिली है। खड़गे ने ट्वीट किया कि राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल करने का निर्णय एक स्वागत योग्य कदम है।यह कदम भारत के लोगों और विशेषकर वायनाड की जनता के लिए राहत लेकर आया है। उन्होंने कहा बीजेपी और मोदी सरकार के कार्यकाल का अब जो भी समय बचा है ,उन्हें इसका उपयोग विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें शासन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

