राजस्थान में आज से तीन दिवसीय किसान महोत्सव की शुरुआत ,गहलोत की नजर किसान वोट पर 

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न्यूज़ डेस्क 

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत कांग्रेस के चाणक्य ही है। पहले जादूगरी करते थे और अब राजनीति में भी जादू दिखाने से बाज नहीं आते। वे खुद तो आते हैं माली समाज से ,लेकिन उनकी पकड़ सभी समाज में है। क्या अगड़ा ,क्या पिछड़ा सबके सब गहलोत के व्यवहार और नीतियों के कायल हैं। राजस्थान में हर पांच साल में सत्ता बदलने का रिवाज रहा है लेकिन अशोक गहलोत की कोशिश यह है कि इस बार यह रिवाज बदल जाए। वे किसी भी सूरत में हार मानाने को तैयार नहीं है। कोशिश यही है कि राजस्थान की सत्ता फिर से कांग्रेस को मिले। उधर बीजेपी की अपनी चुनौती है। बीजेपी किसी भी सूरत में सत्ता में वापसी चाहती है।        
  इन तमाम राजनीतिक खेल के बीच आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कृषि क्षेत्र की नवीनतम विधाओं, नवाचारों और जनकल्याणकारी योजनाओं से किसानों को जागरुक करने के लिए जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय राजस्थान किसान महोत्सव का  शुभारंभ किया गया। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के सचिव डॉ पृथ्वी ने  मीडिया को यह जानकारी देते हुए बताया कि 16 से 18 जून तक आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय किसान महोत्सव में 50 हजार किसान सम्मिलित होंगे। जिसमें प्रथम दिन 20 हजार, दूसरे एवं तीसरे दिन 15-15 हजार किसान शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इसके बाद 23 एवं 24 जून को उदयपुर स्थित कृषि मंडी बलीचा में और 30 जून से एक जुलाई को कृषि विश्वविद्यालय मंडोर, जोधपुर में संभाग स्तरीय किसान महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इन संभाग स्तरीय महोत्सव में 20-20 हजार किसान हिस्सा लेंगे।         
   डा पृथ्वी ने बताया कि राजस्थान किसान महोत्सव में 5 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्मित स्मार्ट फार्म विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्मार्ट फार्म में कृषि, बागवानी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन एवं कृषि विपणन की विश्व स्तरीय तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मिनी स्प्रिंकलर, स्प्रिंकलर, ड्रिप इरिगेशन व सोलर पम्पों से उपयोग जैसी सिंचाई की विभिन्न वैज्ञानिक तकनीकों का सजीव प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।
 इसी प्रकार स्मार्ट फार्म में ग्रीन हाउस के माध्यम से बेमौसम में खेती करने, शेडनेट हाउस के जरिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद, जल संरक्षण औऱ प्लास्टिक मल्चिंग से खरपतवार की रोकथाम को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
          महोत्सव में राज्य स्तरीय लम्पी आर्थिक सहायता वितरण कार्यक्रम के दौरान 42 हजार पात्र पशुपालकों के खातों में मुख्यमंत्री द्वारा 176 करोड़ रूपए की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। महोत्सव में 15 नए घोषित ज़िलों सहित 47 ज़िलों में लम्पी रोग आर्थिक सहायता वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। इससे राज्य के पशुपालकों को आर्थिक सहायता मिलेगी एवं पशुधन उत्पाद वृद्धि की दिशा में पशुपालक अग्रसर हो सकेंगे।
           महोत्सव में किसानों के लिए जाजम चौपाल की व्यवस्था की गई है। चौपाल में किसानों के लिए कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन तीनों चौपालें एक साथ आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा परम्परागत विषयों से हटकर नये विषयों पर किसानों को नई विधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी तथा किसान विशेषज्ञों से संवाद भी कर सकेंगे।
          किसानों को उर्वरकों एवं उन्नत बीजों की जानकारी देने, एग्री सेक्टर से जुड़े उद्योग लगाने और युवाओं को एंटरप्रेन्योर बनाने के लिए महोत्सव में 200 से ज्यादा स्टॉल लगायी जाएगी। जिसमें सूक्ष्म सिंचाई, स्वचालित ड्रोन, संरक्षित खेती, सोलर पंप से संबंधित नवीनतम तकनीकों की जानकारी किसानों को प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार पशुपालन और मत्स्यपालन के लिए उन्नत नस्ल के पशुओं से किसानों को रूबरू करवाया जाएगा। किसानों को बीज, उर्वरक, जैविक आदानों, पौध संरक्षण रसायन, खाद्य प्रसंस्करण, एफपीओ व स्टार्टअप से संबंधित जानकारी दी जाएगी।

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