अखिलेश अखिल
ममता बनर्जी ,केसीआर और अखिलेश यादव तिगड़ी आगामी चुनाव में क्या गुल खिलाएगी इस पर अब अलग से बहस होने लगी है। जबसे अखिलेश यादव कोलकत्ता में ममता बनर्जी से मुलाकात कर वापस लौटे हैं ,एक अलग तैयारी में ही जुट गए हैं। सपा का एक ही मिशन है कि आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को कैसे हराया जाए।
अखिलेश यादव ने साफ़ कर दिया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को विपक्षी गठबंधन ही भारी चुनौती देगा क्योंकि देश की तमाम क्षेत्रीय पार्टियां अपने अपने इलाके में काफी मजबूत है और वह बीजेपी का समाना करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस की क्या भूमिका होगी यह तो उसे ही तय करना है।
एक न्यूज़ एजेंसी को अखिलेश यादव ने कहा कि हम एक मजबूत विपक्षी मोर्चा बनाने की दिशा में अग्रसर हैं और इस दिशा में ममता बनर्जी और केसीआर भी लगे हुए हैं। आने वाले दिनों में एक मजबूत विपक्षी मोर्चा बनेगा जो बीजेपी के खिलाफ लड़ेगा। अखिलेश यादव ने कहा कि कई ऐसे राज्य हैं जहां बीजेपी से केवल क्षेत्रीय पार्टियां ही लड़ रही है और वहाँ कांग्रेस कमजोर है। ऐसेमे कांग्रेस को अपनी स्थिति के बारे में निर्णय लेने का अधिकार है। कई राज्यों में कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है और क्षेत्रीय पार्टियां ही भगवा खेमा का सामना कर रही है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि कांग्रेस के साथ पहले से ही कई पार्टियां हैं। उनका यूपीए भी है। कई इलाके कांग्रेस की मजबूती भी है ऐसे में कांग्रेस की भूमिका क्या होगी उसे खुद ही तय करना है लेकिन हम एक क्षेत्रीय पार्टियों का गठबंधन तैयार कर रहे हैं जो कई इलाको में बीजेपी को चुनौती देगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग यह सवाल कि विपक्ष का पीएम उम्मीदवार कौन होगा ? लेकिन यह सवाल अभी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग चेहरे की बात कर रहे हैं उन्हें इस बात पर भी गौर करना चाहिए जो 2014 और 2019 में झूठे वादे करके चुनाव जितने में सफल रहे। इसलिए चेहरे की बात ठीक नहीं।
सपा नेता ने कहा कि सपा अगले लोकसभा चुनाव में यूपी में बीजेपी के रथ को रोक देगी। अगर बीजेपी 2024 में सत्ता चाहती है तो उसे यूपी जितना होगा लेकिन हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि बीजेपी यूपी में भी हारे और देश में भी। यूपी में सपा अपने मजबूत सहयोगियों के साथ चुनाव लड़ेगी और बीजेपी को चुनौती देगी।
अडाणी मुद्दे पर बोलते हुए सपा प्रमुख ने देश की संपत्ति और जनता के पैसों की कथित लूट की मंजूरी देने के लिए केंद्र को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल किया, ‘‘तथाकथित नंबर दो अमीर आदमी के बारे में कोई सवाल क्यों नहीं पूछा जा रहा है? भारतीय जीवन बीमा निगम और भारतीय स्टेट बैंक में जमा लोगों के धन को लेकर कोई जवाबदेही क्यों नहीं है, जिन्हें घाटा हो रहा है?’’

