आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान, कमजोरी या शरीर में सुस्ती महसूस होना आम बात माना जाता है। ज्यादातर लोग इसे तनाव, नींद की कमी या ज्यादा काम का नतीजा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।लेकिन कई बार ये साधारण दिखने वाले लक्षण शरीर में किसी जरूरी पोषक तत्व की कमी का संकेत भी हो सकते हैं। ऐसी ही एक समस्या है विटामिन D की कमी, जो अक्सर शुरुआती दौर में बिना स्पष्ट लक्षणों के सामने आती है।
डॉ. आशीष चौधरी के अनुसार, विटामिन D की कमी के शुरुआती संकेत इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें रोजमर्रा की थकान या तनाव समझकर अनदेखा कर देते हैं। हालांकि समय रहते इन संकेतों को पहचानना हड्डियों और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।चलिए आपको इसके कुछ लक्षण के बारे में बताते हैं, जिससे आपको इसके बारे में पता लग जाएगा।
अगर पर्याप्त नींद लेने के बावजूद दिनभर एनर्जी की कमी महसूस होती है और शरीर हमेशा थका-थका लगता है, तो यह विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है।डॉ. आशीष चौधरी बताते हैं कि कई लोग इसे काम के दबाव या व्यस्त लाइफस्टाइल का असर मान लेते हैं, जबकि लंबे समय तक बनी रहने वाली थकान को गंभीरता से लेना चाहिए।
विटामिन डी की कमी का एक और आम संकेत मांसपेशियों की ताकत कम होना है।खासतौर पर जांघों, कमर या पैरों में भारीपन महसूस हो सकता है।कई लोग इसे बढ़ती उम्र या व्यायाम की कमी से जोड़ते हैं, लेकिन वास्तव में विटामिन डी मांसपेशियों के सही कामकाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के शरीर में दर्द, अकड़न या हड्डियों में हल्का-हल्का दर्द बना रहता है, तो यह भी कमी का संकेत हो सकता है। डॉ. आशीष चौधरी के मुताबिक, विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के एब्जार्व में मदद करता है, उसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
कुछ लोगों में विटामिन डी की कमी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी दिखाई देता है।चिड़चिड़ापन, उत्साह की कमी, मन उदास रहना या जरूरत से ज्यादा बाल झड़ना ऐसे संकेत हैं जिन्हें अक्सर तनाव का परिणाम मान लिया जाता है। हालांकि कई बार इसके पीछे पोषण संबंधी कमी भी जिम्मेदार हो सकती है।
कुछ लोगों में विटामिन डी की कमी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी दिखाई देता है। चिड़चिड़ापन, उत्साह की कमी, मन उदास रहना या जरूरत से ज्यादा बाल झड़ना ऐसे संकेत हैं जिन्हें अक्सर तनाव का परिणाम मान लिया जाता है। हालांकि कई बार इसके पीछे पोषण संबंधी कमी भी जिम्मेदार हो सकती है।
अगर आपको अक्सर सर्दी-जुकाम या अन्य इंफेक्शन हो जाते हैं और ठीक होने में सामान्य से ज्यादा समय लगता है, तो यह कमजोर इम्यून सिस्टम का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन डी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
डॉ. आशीष चौधरी बताते हैं कि जो लोग ज्यादातर समय घर या ऑफिस के अंदर बिताते हैं और धूप के संपर्क में कम आते हैं, उनमें विटामिन डी की कमी का जोखिम अधिक होता है। इसके अलावा बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, मेनोपॉज के बाद की महिलाएं और प्रदूषित क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं। अगर ये लक्षण कई हफ्तों तक बने रहें, तो डॉक्टर की सलाह लेकर विटामिन डी की जांच करानी चाहिए।

