सियाचिन के ग्लेशियर की इन तस्वीरों में आप जिस लड़की को देख रहे हैं वो मिसाल बन चुकी है, उसने मिथक तोड़े हैं, उनका नाम कैप्टन शिवा चौहान है और वो सियाचिन के माइनस 40 डिग्री के तापमान में कमान संभालने वाली देश की महिला बनीं हैं। जी हां, कैप्टन शिवा चौहान सियाचिन के -30 से -40 डिग्री सेल्सियस के शरीर को गलाकर रख देने वाले तापमान के बीच सेना की कमान संभालने वाली पहली महिला सैन्य अधिकारी बन गई हैं।
अब से पहले आपने कभी नहीं सुना होगा कि सेना ने किसी महिला जवान को सबसे ऊंचे पर्वतीय इलाके सियाचिन पर समुद्र तल से 15,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित कुमार पोस्ट पर तैनात किया हो, लेकिन कैप्टन शिवा चौहान ने जोखिम वाले पदों पर पुरुषों के वर्चस्व को तोड़ने का काम किया है। आज वो कुमार पोस्ट पर तैनात हैं और देश की सुरक्षा में जुटी हैं।
जी हां ऐसा पहली बार हुआ है जब भारतीय सेना ने किसी महिला को इतने खतरनाक पोस्ट पर तैनात किया है। कुमार पोस्ट उत्तरी ग्लेशियर बटालियन का हेडक्वार्टर है। कैप्टन शिवा चौहान फायर एंड फुरी कॉर्प्स की महिला अधिकारी हैं., मिथक तोड़कर मिसाल बनने वाली शिवा के लिए फायर एंड फुरी कॉर्प्स ने ट्वीट करके कहा कि कैप्टन शिवा चौहान फायर एंड फुरी सैपर्स हैं. वो कुमार पोस्ट पर तैनात होने वाली पहली भारतीय महिला हैं. ये दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है. कैप्टन शिवा ने इस जगह की तैनाती से पहले काफी कठिन ट्रेनिंग पूरी की है।
लेह की फायर एंड फुरी कार्प्स ने पुरुषों का मिथक तोड़ने वाली शिवा चौहान के वीडियो भी ट्विटर पर शेयर किए हैं. वो सैपर्स की टीम को लीड कर रही हैं और इंजीनियरिंग से जुड़ी तमाम जिम्मेदारियों को निभा रही हैं। जाहिर है कि सियाचिन की जानलेवा ठंड में पोस्टिंग से पहले शिवा चौहान को कठोर ट्रेनिंग से भी गुजरना पड़ा. इसमें ऊंची चोटियों पर चढ़ाई , हिमस्खलन आने पर बचाव की तैयारी और रेस्क्यू ड्रिल शामिल हैं. इससे पहले महिला सैन्यकर्मियों को सियाचिन बेसकैंप में 9 हजार फीट की ऊंचाई तक ही रेगुलर पोस्टिंग मिलती थी। अब शिवा 15 हजार से ज्यादा फीट की ऊंचाई से देश की रक्षा करेंगी।
शिवा चौहान राजस्थान से आती हैं. वो इंडियन आर्मी की कार्प्स ऑफ इंजीनियर्स से जुड़ी हैं, जिनके बंगाल सैपर्स, मद्रास सैपर्स औऱ बांबे सैपर्स ग्रुप हैं. शिवा बंगाल सैपर्स हैं, जिसे पहले बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप कहा जाता रहा है. उदयपुर की रहने वाली शिवा ने सिविल इंजीनियरिंग से ग्रैजुएशन किया है। 11 साल की उम्र में उनके पिता का निधन हो गया। उनकी मां ने पढ़ना लिखना सिखाया। शिवा ने चेन्नई में आफिसर ट्रेनिंग एकेडमी की ट्रेनिंग ली है। मई 2021 में उन्हें भारतीय सेना की इंजीनियर रेजीमेंट में नियुक्त किया गया। बता दें जुलाई 2022 में कैप्टन शिवा ने कारगिल विजय दिवस पर 508 किलोमीटर यानि युद्ध स्मारक से कारगिल युद्ध स्मारक तक सुरा सोई साइकिल अभियान का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था।
सेना के जरिए शिवा की इस सबसे ऊंची कुमार पोस्ट पर तैनाती बताती है सेना अब महिलाओं को खतरनाक पोस्ट पर मौके दे रही है उन पर भरोसा कर रही है..इसमें भी कोई शक नहीं है कि देश में महिलाएं अब पारंपरिक मिथकों को तोड़ रही हैं और नित नए कीर्तिमान गढ़ रही हैं