अगर ये गुनाह है तो पहले गांधी-नेहरू-पटेल और अटल पर केस करो,खरगे ने वंदे मातरम् पर कही यह बात

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कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर उठे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि जिस गीत को लेकर आज सवाल उठाए जा रहे हैं, उसे देश के स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक कई बड़े नेता गाते रहे हैं। महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी तक ‘वंदे मातरम्’ का सार्वजनिक रूप से गायन कर चुके हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे वंदे मातरम् विवाद पर मचे घमासान पर जवाब देते हुए कहा कि अगर आज मेरे गाए हुए वंदे मातरम् के इस संस्करण पर बीजेपी को ऐतराज है तो पहले उन नेताओं पर केस दर्ज करवाएं जिन्होंने आज से कई सालों पहले से ही आज ‘वंदे मातरम्’ के इस संस्करण को मान्यता दी है। खरगे ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ गाना गलत माना जा रहा है तो फिर उन नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने पहले इसे गाया था।

BJP और केंद्र के वंदे मातरम् के पुराने संस्करण गाने का विरोध करने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इनके पैदा होने से पहले ही कांग्रेस ने बता दिया था कि राष्ट्रीय गीत क्या होगा।वही ‘वंदे मातरम्’ महात्मा गांधी जी, पंडित नेहरू जी और सरदार पटेल जी ने गाया था। पार्टी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री रहते हुए अटल बिहारी वाजपेयी और मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने भी ‘वंदे मातरम्’ गाया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने भी वही गीत गाया है। ऐसे में अगर इसे गुनाह माना जा रहा है तो गांधी, नेहरू और सरदार पटेल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय गीत को किसी सरकार की पसंद या नापसंद के आधार पर नहीं बदला जा सकता। पार्टी का कहना है कि देश में वर्षों से जिस परंपरा का पालन होता आया है, उसी के तहत ‘वंदे मातरम्’ गाया गया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में हर फैसला उनकी इच्छा के मुताबिक नहीं हो सकता। पार्टी ने कहा कि अब जो मोदी-शाह चाहेंगे, देश में वैसा ही थोड़े होता रहेगा।सरकारों के हिसाब से राष्ट्रीय गीत नहीं बदला जा सकता।

कांग्रेस का पूरा तर्क इस बात पर टिका है कि ‘वंदे मातरम्’ देश के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना से लंबे समय से जुड़ा रहा है। पार्टी का कहना है कि इसे गाने को लेकर अब जिस तरह का विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह वर्षों से चली आ रही परंपरा को नजरअंदाज करने जैसा है। कांग्रेस ने कहा कि उसने कोई नया रास्ता नहीं अपनाया है, बल्कि देश में लंबे समय से जो होता आया है, उसी परंपरा का पालन किया है। इसी के साथ पार्टी ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि आखिर सरकार के बदलने के साथ राष्ट्रीय गीत को लेकर नियम और नजरिया क्यों बदलना चाहिए।

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