हमारे शरीर की सेहत के कई संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, और उनमें से एक है मल का रंग। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ एक रोजमर्रा की प्रक्रिया मानते हैं और इस पर ध्यान नहीं देते, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके मल का रंग भी आपकी सेहत के जुड़ी बाते बताता है? जी हां आपको जानकर हैरानी होगी कि केवल मल के रंग से आप इस बात का अनुमान लगा सकते हैं कि आपकी सेहत बेहतर है।असल में मल का रंग हमारे पाचन तंत्र, लीवर, और आंतों की सेहत के बारे में काफी कुछ बता सकता है। ऐसे में आपको अपनी पाचन क्रिया को लेकर थोड़े जागरूक रहना चाहिए, और मल के रंग में कोई बदलाव नजर आया है तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सामान्य तौर पर स्वस्थ व्यक्ति का मल भूरे रंग का होता है, और इसकी वजह लीवर से निकलने वाला पित्त होता है। अगर मल का रंग पीला दिखे, तो यह शरीर द्वारा पोषण को सही तरीके से न सोख पाने का संकेत हो सकता है।अगर मल हरे रंग का दिखे तो यह ज्यादातर हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन की वजह से हो सकता है, हालांकि ऐसे में कोई परेशानी कि बात नहीं होती है। वहीं अगर मल नारंगी रंग का दिखे, तो इसका कारण गाजर या शकरकंद जैसी चीजों का ज्यादा सेवन हो सकता है, क्योंकि इनमें मौजूद बीटा-कैरोटीन नाम का तत्व मल का रंग बदल देता है।
जब बात गंभीर संकेतों की आती है, तो कुछ रंगों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।खासतौर पर काले, टार जैसे चिपचिपे मल को डॉक्टर तुरंत जांच कराने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह पेट के ऊपरी हिस्से में आंतरिक रक्तस्राव का संकेत हो सकता है। इसी तरह अगर मल में लाल रंग दिखे और यह बीटरूट जैसी किसी चीज खाने की वजह से न हो, तो यह भी पेट के निचले हिस्से में खून आने का संकेत हो सकता है।कई बार डाइट में बदलाव की वजह से मल के रंग में हल्का-फुल्का बदलाव आना सामान्य बात है, लेकिन अगर बिना किसी वजह के मल का रंग लगातार अजीब दिखे, तो ऐसे में डॉक्टर से जांच करवाना ही सबसे सही तरीका माना जाता है।

