- बीरेंद्र कुमार झा
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी रविवार को गया के एक कार्यक्रम के दौरान उस समय बाल बाल बच गए, जबकि गया में एक कार्यक्रम के दौरान उनका मंच टूट गया। अपने बेटे और बिहार सरकार में मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन के साथ गरीब संपर्क यात्रा के दौरान गया में आयोजित एक रैली में जब जीतन राम मांझी मंच पर पहुंचे, तो भीड़ अनियंत्रित हो गई और मंच पर क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ जाने से मंच धंस गया था। हालांकि इस घटना घटना में पूर्व मुख्यमंत्री समेत अन्य लोग बाल-बाल बच गए। जीतन राम मांझी ने अपनी गरीब संपर्क यात्रा की शुरुआत नवादा से की थी और आज गया में इसका समापन हो गया।
मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन भी थे मौजूद
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के संपर्क गरीब संपर्क यात्रा के दौरान उनका पुत्र और बिहार सरकार के मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन भी साथ रह रहे हैं। इसी दौरान गया शहर के गांधी मैदान में उनके भाषण के लिए बना मंच टूट गया। जीतन राम मांझी की यात्रा को लेकर बनाए गए मंच के टूटने के बाद वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति हो गई थी। इसके बाद कार्यकर्ता आनन-फानन में मंच से कूदकर नीचे उतर गए मंच पर चढ़कर पार्टी के नेता और कार्यकर्ता के द्वारा जीतन राम मांझी, उनके डॉ संतोष कुमार सुमन और अन्य लोगों के स्वागत में पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र देने के क्रम में मंच टूटने की यह घटना घटी।
गया के गांधी मैदान में जुटी थी भरी भीड़
जीतन राम मांझी पिछले कुछ दिनों से राज्य के अलग-अलग जिलों में जाकर लोगों से मिल रहे थे और उनकी बातों को सुनकर उसके समाधान का आश्वासन दे रहे थे । इस कड़ी में रविवार को उनकी यात्रा का अंतिम दिन था। मांझी की इस यात्रा की शुरुआत गुरारू में पैदल मार्च से हुई,और बोधगया में कई जगह पर पैदल यात्रा किया गया। साथ ही कई जगह पर नुक्कड़ सभा और जनसभा का भी आयोजन किया गया था । मंच टूटने से पहले मांझी के आज के इस रैली में पहुंचे भोजपुरी गायक अपनी भोजपुरी गीतों से लोगों और कार्यकर्ताओं का मनोरंजन कर रहे थे।
बेटे के मुख्यमंत्री बनाने की बात कर चुके हैं मांझी
इन दिनों जब आरजेडी के कार्यकर्ताओं और मंत्रियों के द्वारा नीतीश कुमार को जल्दी से जल्दी तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का पद देनेवाला बयान जारी किया जा रहा था, तब जीतनराम मांझी ने भी अपने बेटे डॉ संतोष कुमार सुमन को इस महागठबंधन के तहत मुख्यमंत्री बनाने की मांग की थी। इनका दावा था कि तेजस्वी यादव की तुलना में डॉ संतोष कुमार सुमन बहुत अधिक पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं। अपने इस पुत्र को लेकर यात्रा के दौरान घूम घूम कर शायद पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी गठबंधन वाली सरकार पर अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए दबाव भी बना रहे हों।

