चंपई सोरन ने इंतजार की बात कहकर बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को रखा गर्म

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झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले झारखंड की राजनीति एक बार फिर से गरमा गई है।झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को लेकर जमशेदपुर से आया एक वक्तव्य पूरे राज्य में चर्चा का विषय वस्तु बन गया। राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा जोरों पर है कि झारखंड टाइगर’ चंपई सोरेन जेएमएम के केंद्रीय नेतृत्व से नाराज हैं और वे बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को लेकर चर्चा तो यहां तक होती रही कि जल्दी ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का झारखंड दौरा तय होगा, जिसमें जेएमएम के दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन बीजेपी में शामिल होंगे।

इन सारी अटकलों के बीच जब शुक्रवार शाम चंपई सोरेन अपने विधानसभा क्षेत्र सरायकेला में जल संसाधन विभाग के खरकई लिफ्ट भूमिगत पाइप लाइन सिंचाई योजना का उदघाटन करने पहुंचे ,तब यहां पत्रकारों ने उनसे बीजेपी में शामिल होने के बारे में हो रही चर्चा के संबंध में पूछा।लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने इस प्रश्न का कोई सीधा जवाब न देकर अभी इंतजार करने की बात कहकर इस अटकल को और रहस्यमई बना दिया।संवाददाताओं ने जब उनसे उनके दिल्ली जाकर बीजेपी के बड़े नेताओं से मिलने की योजना को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि अभी उन्हें एक लंबी राजनीतिक पारी खेलनी है। इसमें कभी भी ,कुछ भी ,हो सकता है फिलहाल इंतजार कीजिए।

चंपई सोरेन अक्सर कार्यक्रमों में संबोधन के दौरान कई बार हेमंत सोरेन का नाम लेते हैं, लेकिन खरकई लिफ्ट भूमिगत पाइप लाइन सिंचाई योजना का उदघाटन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक बार भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम नहीं लिया।चंपई सोरेन के ये सारे इशारे उनके बगावती तेवर को दर्शा रहें हैं।

गौरतलब है कि हेमंत सोरेन के जेल से जमानत मिलने पर रिहाई होने के बावजूद ,चंपई सोरेन को चुनाव तक मुख्यमंत्री बनाए रखे जाने की उम्मीद थी।लेकिन हेमंत सोरेन ने जेल से बाहर आने की कुछ ही दिन बाद चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री के पद से चलता कर दिया।इस तरह अचानक मुख्यमंत्री पद से हटाये जाने का भी उन्हें बड़ा मलाल हो सकता है।

वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के पद से हटाए जाने के बावजूद कई अवसरों पर भारतीय जनता पार्टी के वरीय नेता भी उनकी प्रशंसा की है। उनके मुख्यमंत्रित्व काल में भी भारतीय जनता पार्टी सदन में परोक्ष या प्रत्यक्ष तौर पर कभी उनके ऊपर हमलावर नहीं रही।

शुक्रवार को जेएमएम नेतृत्व पर निशाना साधते हुए झारखंड में बीजेपी के चुनाव सह प्रभारी हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि चंपई सोरेन ने जेएमएम में रहकर शिबू सोरेन के साथ संघर्ष किया है, ऐसे में जेएमएम में हेमंत सोरेन से ज्यादा हक चंपई सोरेन का बनता है। उनका व्यक्तित्व बड़ा है, मैं उन पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।वह अपना रास्ता खुद चुनने में समर्थ है।

राजनीतिक गलियारों में ऐसी खबर भी तैर रही है कि अगर चंपई सोरेन जेएमएम से निकलकर बीजेपी में शामिल होते हैं तो उनके अलावा उनके बेटे बाबूलाल सोरेन को घाटशिला या पोटका से विधानसभा के चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है।गौरतलब है कि वर्तमान में पोटका से संजीव सरदार एवं घाटशिला से रामदास सोरेन विधायक हैं जो झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्य हैं।

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