विकास कुमार
कई विपक्षी दल ईवीएम से चुनाव कराने का विरोध कर रहे हैं,ईवीएम के विरोध में सुप्रीम कोर्ट के वकील भानु प्रताप सिंह भी जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर मंतर से हिरासत में ले लिया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जारी वीडियो में भानु प्रताप ने कहा कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है,लेकिन वे हर हालत में कानून का पालन करेंगे। सिंह ने कहा कि वे लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ईवीएम और वीवीपैट को लेकर चर्चा कराने की मांग चुनाव आयोग से की थी,लेकिन चुनाव आयोग ने रमेश की मांग को खारिज कर दिया। चुनाव आयोग ने कहा कि उन्हें ईवीएम पर पूरा भरोसा है इसलिए इस बारे में किसी चर्चा की जरुरत नहीं है। चुनाव आयोग ने कहा कि ईवीएम को लेकर पूरी जानकारी, सवालों और उनके जवाब पहले ही दे दिए गए हैं। इसलिए तमाम आशंकाओं का निवारण कर दिया गया है।
वहीं दिग्गज कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने भी मध्य प्रदेश में पार्टी की हार के बाद ईवीएम पर सवाल उठाए थे। सिंह ने कहा था कि चिप वाली किसी भी मशीन को हैक किया जा सकता है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे 2003 से ही वे ईवीएम के जरिए मतदान कराने का विरोध कर रहे हैं। क्योंकि हम भारतीय लोकतंत्र को पेशेवर हैकरों द्वारा नियंत्रित करने की अनुमति नहीं दे सकते हैं।
विपक्षी दल गाहे ब गाहे ईवीएम के मुद्दे को तो उठाते हैं,लेकिन एक संगठित आंदोलन नहीं चला पाते। अगर तमाम विपक्षी दल एकजुट होकर ईवीएम के खिलाफ आंदोलन करें तो चुनाव आयोग भी अपना फैसला बदलने के लिए बाध्य हो सकती है।

