बीरेंद्र कुमार झा
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 14 अगस्त 2023 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय नहीं पहुंचे। ईडी ने पूछताछ के लिए पिछले दिनों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समान भेजा था। इसके आलोक में मुख्यमंत्री सचिवालय से डाक लेकर एक कर्मी ईडी ऑफिस पहुंचा। यहां अधिकारियों को सीलबंद लिफाफा सौंपा गया है। संभावना जताई जा रही है कि इस लिफाफे में मुख्यमंत्री की ओर से समय की मांग की गई है। हालांकि इस पर ईडी ने फिलहाल कुछ स्पष्ट नहीं किया है। गौरतलब है कि ईडी ने दस्तावेज में जालसाजी कर जमीन की खरीद बिक्री के अलावा आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जा के सिलसिले में मुख्यमंत्री से पूछताछ को लेकर समन जारी किया गया है।
सोमवार की सुबह ऑफिस के बाहर काफी गहमागहमी का माहौल
ईडी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जारी समन को लेकर सोमवार की सुबह से ईडी कार्यालय के बाहर गहमागहमी काफी तेज थी। ऑफिस के बाहर जैप के जवानों की तैनाती तक हुई थी।गौरतलब है कि ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूछताछ के लिए सोमवार की सुबह 11:00 बजे ऑफिस जाने का निर्देश दिया था। इसी को लेकर सोमवार को ईडी कार्यालय के बाहर काफी गहमागहमी का माहौल था।
मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे ईडी कार्यालय
ईडी द्वारा जारी समन के अनुसार सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को यदि कार्यालय में उपस्थित होना था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए।मुख्यमंत्री सचिवालय से सूरज नाम का एक कर्मी डाक लेकर ईडी कार्यालय पहुंचा । सूरज ने बताया कि वह डाक बांटने का काम करता है और मुख्यमंत्री सचिवालय से डाक लेकर यहां पहुंचा था।
13 अप्रैल की छापामारी में जमीन से जुड़े दस्तावेज जप्त
हेमंत सोरेन को समन करने के लिए ईडी ने13 और 26 अप्रैल 2023 को की गई छापेमारी के आलोक में दर्ज कराई गई प्राथमिककी को आधार बनाया है। ईडी ने 13 अप्रैल को छापामारी के दौरान राजस्व कर्मचारी भानु प्रताप के घर से बक्सों में भरकर रखे गए जमीन से जुड़े कुछ दस्तावेज जप्त किए थे। इनमें काट छांट करने और जासक्साजी कर असली मालिक का नाम काटकर दूसरे का नाम लिखने का मामला प्रकाश में आया था।
ईडी को मिली कई शिकायतें
ईडी ने पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अवैध खनन में उनके विधायक प्रतिनिधि के घर से मिले उनके नाम के चेक बुक के सिलसिले में पूछताछ की थी ।14 अगस्त को उनसे दस्तावेज में जालसाजी कर रांची में हुई जमीन की खरीद बिक्री के सिलसिले में पूछताछ करने का अनुमान था। इसके अलावा गलत तरीके से आदिवासियों की जमीन की खरीद बिक्री करने के मामले में भी उनसे पूछताछ किए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही थी।
8 अगस्त 2023 को जारी हुआ था समन
ईडी की तरफ से मुख्यमंत्री से पूछताछ के लिए जारी किए जाने वाला यह तीसरा समन है। इससे पहले अवैध खनन के मामले में छापामारी के दौरान मिले दस्तावेज के आलोक में ईडी ने इनसे पूछताछ के लिए इन्हें समन भेजा गया था।1 नवंबर 2020 को जारी किए गए इस समन में उन्हें 3 नवंबर को हाजिर होने का निर्देश दिया गया था। हालांकि उन्होंने 3 नवंबर को हाजिर होने के बदले अपनी कार्यव्यस्तता का हवाला देते हुए स्थापना दिवस 15 नवंबर 2022 के बाद समय देने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री के अनुरोध को स्वीकार करते हुए ईडी ने उन्हें दूसरी बार समन जारी कर 17 नवंबर को हाजिर होने का निर्देश दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पत्र भेज कर 15 नवंबर को अपनी कार्यव्यस्तता समाप्त होने की बात कहते हुए 16 नवंबर को ही पूछताछ के लिए हाजिर होने का अनुरोध किया था, लेकिन ई lडी ने इस अनुरोध को अस्वीकार करते हुए उन्हें 17 नवंबर को ही हाजिर होने का निर्देश दिया था।इस बार ईडी ने 8 अगस्त 2023 को इन्हें समन जारी कर 14 अगस्त को ईडी के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर से अपने कार्यव्यस्तता को बताते हुए ईडी से आगे समय देने का अनुरोध किया है।
पहले से समय मांगे जाने की थी चर्चा
ईडी द्वारा जारी इस तीसरे समान को लेकर पहले से ही मुख्यमंत्री द्वारा समय मांगे जाने की चर्चा चल रही थी। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित सरकारी समारोहों और उसके लिए तैयारी की समीक्षा में अपनी व्यस्तता बताते हुए समय मांगे जाने की चर्चा पहले से ही की थी। इसी के मद्देनजर सोमवार को मुख्यमंत्री ईडी ऑफिस नहीं पहुंचे और उन्होंने अपने कर्मियों के मार्फत सीलबंद लिफाफा अपने कर्मी के हाथ ईडी अधिकारियों के पास भिजवा दिया।इस लिफाफे में इनके द्वारा उपस्थित होने की तिथि में परिवर्तन करने की मांग करने की संभावना बताई जा रही है।
