बंगाल में ईडी की छपेमारी जारी, टीएमसी नेता शंकर आध्या गिरफ्तार

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बीरेंद्र कुमार झा

पंचायत चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक में राजनीतिक हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल पहले से ही बदनाम रहा है और अब तो वहां ईडी जैसे संवैधानिक संस्थाओं पर भी हमले होने लगे हैं। ईडी ने शुक्रवार को राज्य में अलग-अलग जगह में राजनीति से जुड़े लोगों और व्यवसायियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। शनिवार को भी बंगाल में ईडी की ताबड़तोड़ छापामारी जारी है। गौरतलब है कि शुक्रवार को ईडी के रेड के दौरान ईडी की एक टीम बनगांव में टीएमसी नेता शंकर आध्या के ससुराल पर पहुंचे थे और शंकर आध्या से जुड़े ठिकानों पर कई घंटे तक छापेमारी की थी।वहीं दूसरी तरफ ईडी अधिकारियों का दूसरा दल उत्तर 24 परगना के संदेशखाली स्थित सरबेड़िया के निवासी तृण कांग्रेस के नेता, राशन डीलर और व्यवसायी शेख शाहजहां के आवास पर जांच के लिए पहुंचे थे,जहां ईडी अधिकारियों और सेंट्रल आर्म्ड फोर्स के जवानों पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। उनके वाहनों में तोड़फोड़ की गई।यहां तक की मीडिया को भी नहीं बक्शा गया।उनके कैमरे और मोबाइल भी तोड़ दिए गए। ईडी अधिकारियों और जवानों ने वहां किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई।एक अधिकारी का इस घटना में सिर भी फुट गया।इस हमले के बाद ईडी और कड़ा एक्शन के मूड में आ गई है। शुक्रवार देर रात इसने तृणमूल कांग्रेस के नेता और बनगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शंकर आध्या को गिरफ्तार कर लिया।

कौन है शंकर आध्या

पश्चिम बंगाल के चर्चित राशन वितरण घोटाला मामले में ईडी ने टीएमसी के पूर्व बनगांव नगर पालिका अध्यक्ष शंकर आध्या को कल देर रात गिरफ्तार किया। इसे बंगाल के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक का करीबी माना जाता है। शंकर आध्या ज्योतिप्रिय मलिक के सहयोग से राजनीति के मैदान में उतरा था। वह 2005 में बनगांव नगरपालिका का पार्षद बना और बाद में अध्यक्ष के पद तक पहुंचा। शंकर आध्या की पत्नी भी बनगांव नगर पालिका की अध्यक्ष रही है। गौरतलब है कि ममता मंत्रिमंडल में खाद्य मंत्री रहे ज्योतिप्रिय मलिक राशन घोटाला के मामले में पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।

 

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