एकनाथ शिंदे नहीं देंगे इस्तीफा, एनसीपी शिवसेना की कोई नाराजगी नहीं

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बीरेंद्र कुमार झा

महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे वाली सरकार में अजित पवार की उप मुख्यमंत्री के रूप में इंट्री से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कैंप में बड़े तनाव पर अब विराम लगता नजर आ रहा है ।पार्टी सूत्रों का कहना है कि शिव सेना – बीजेपी गठबंधन वाली सरकार में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शामिल होने से पार्टी में कोई नाराजगी नहीं है ।हालांकि बीच में हालात इतने बिगड़ चुके होने की खबर आ रही थी कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफे की भी अटकलें लगाई जाने लगी थी,लेकिन अब आप पार्टी ने इसे खारिज कर दिया है।

मंत्री उदय सामंत ने शिंदे की इस्तीफे की खबर को किया खारिज

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री उदय सामंत ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की स्थिति की अफवाहों को खारिज किया है।गौरतलब है कि अजित पवार के नेतृत्व में एनसीपी के आने से अपने नेताओं में नाराजगी के बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आनन-फानन में एक बैठक बुलाई थी।इतना ही नहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नहीं गए थे।इन दो घटनाओं ने काफी सवाल खड़े कर दिए थे। यहां तक कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफा तक की बात सामने आने लगी।

मंत्री उदय सामंत ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में आगामी लोकसभा सत्र और महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के संबंध में एक बैठक हुई थी।इस बैठक में इस बात पर बात हुई थी कि विधायकों,सांसदों और एमएलसी को भविष्य में क्या करना चाहिए।उन्होंने कहा कि हमारे विधायकों में कहीं भी नाराजगी नहीं है। हम सभी को एकनाथ शिंदे पर पूरा भरोसा है। उनके इस्तीफे की बातें सिर्फ अफवाह है।भविष्य के सभी चुनाव एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में ही लड़े जाएंगे।

क्या कहा एकनाथ शिंदे ने

वर्षा बंगला में हुई बैठक के दौरान सबसे पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने इस्तीफे की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि मुझे पता है कि खबरें कौन प्लांट कर रहा है। शिंदे ने बैठक में शामिल सभी विधायकों मंत्रियों और सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक राजनीतिक घटनाक्रम है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।शिंदे ने एनसीपी मामले पर बैठक में मौजूद सभी नेताओं से कहा कि वे खुद को असुरक्षित महसूस ना करें। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने जो संविधान दिया, उसका आदर करना चाहिए

शिव सेना के विधायकों को आश्वस्त करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा महाराष्ट्र कैबिनेट में शिवसेना के मंत्रियों की संख्या 10 है और इतने ही मंत्री बीजेपी कोटे से ही है। एनसीपी की एंट्री के साथ ही यह आंकड़ा 29 पर पहुंच गया है।राज्य में कुल मंत्रियों की संख्या 43तक जा सकती हैं।

एनसीपी की स्थिति

एक तरफ जहां दिग्गज राजनेता और एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार दावा कर रहे हैं कि उन्हें विधायकों का समर्थन हासिल है, वहीं दूसरी तरफ अजित पवार की मीटिंग में 30 से ज्यादा विधानसभा सदस्य पहुंच गए ।रविवार को अजित पवार को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाया गया था, साथ ही 8 और एनसीपी विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। फिलहाल एनसीपी के दोनों गुटों के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

चुनाव आयोग का रुख

महाराष्ट्र के बीजेपी शिव सेना गठबंधन वाली सरकार में शामिल होने के बाद अजित पवार ने भारत निर्वाचन आयोग का रुख कर लिया है। अब वे एनसीपी पर भी नियंत्रण की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने आयोग को पत्र लिखा था जिसमें खुद को एनसीपी का अध्यक्ष बताया था।इसके साथ ही उन्होंने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह घड़ी पर भी अपनी दावेदारी पेश कर दी है। कुछ इसी तरह की पेशकश शरद पवार खेमे की तरफ से भी किए जाने की बात सामने आ रही है।

 

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