Homeदेशवन नेशन वन इलेक्शन,प्लान पर विधि आयोग ने तैयार किया खाका

वन नेशन वन इलेक्शन,प्लान पर विधि आयोग ने तैयार किया खाका

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बीरेंद्र कुमार झा

देश में एक साथ लोकसभा विधानसभा चुनाव कराए जाने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति को जिम्मा सोपा गया है। देश में एक साथ चुनाव किस तरह कराया जा सकता हैं, इस पर विचार जानने के लिए समिति ने विधि आयोग से खाका मांगा था। विधि आयोग इस खाका को 25 अक्टूबर को समिति के सामने पेश करेगा। उच्च स्तरीय समिति ने हाल में अपनी पहली बैठक में राजनीतिक दलों के विचार जानने का फैसला किया था।समिति ने अब राजनीतिक दलों को देश में एक साथ चुनाव कराने के संबंध में अपने विचार से अवगत कराने के लिए पत्र लिखा है।

राजनीतिक दलों के साथ होगा विचार – विमर्श

सूत्रों ने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को भेजे गए एक संदेश में समिति ने परस्पर सहमत तिथि पर उनके साथ विचार विमर्श करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि पार्टियों को अगले 3 महीने में अपने विचार लिखित रूप में भेजने का विकल्प भी दिया गया है। न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की अध्यक्षता वाला विधि आयोग, कार्यकाल को बढ़ाकर या घटकर सभी विधानसभा चुनाव को एक साथ करने के फार्मूले पर काम कर रहा है,ताकि यह चुनाव 2029 के लोकसभा चुनाव के साथ कराए जा सके।

समायोजन के लिए बढ़ाए या घटाए जा सकते हैं विधान सभा का कार्यकाल

विधि आयोग लोकसभा, विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के लिए एक साझा मतदान सूची सुनिश्चित करने के संबंध में एक तंत्र तैयार कर रहा है, ताकि लागत और जनशक्ति के उपयोग को काम किया जा सके।राज्य और लोकसभा दोनों चुनाव 2029 से एक साथ कराया जाना सुनिश्चित करने के संबंध में विभिन्न विधानसभाओं को समायोजित करने के लिए आयोग विधानसभाओं के कार्यकाल को कम करने या बढ़ाने का सुझाव दे सकता है।

मतदाता 1 बार में लोकसभा और विधान सभा के लिए करेंगे मतदान

यह सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र तैयार किया जा रहा है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो जाए और मतदाता दोनों चुनाव के लिए मतदान करने केवल एक बार मतदान केंद्र पर जाएं। सूत्रों ने बताया कि चूंकि विधानसभा और संसदीय चुनाव कई चरणों में होते हैं,इसलिए आयोग इसके लिए तौर तरीके पर काम कर रहा है ताकि मतदाता दो चुनाव के लिए अपना वोट डालने के लिए एक से अधिक बार मतदान केंद्र पर न जाएं।सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आयोग का विचार है कि विधानसभा और संसदीय चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं और वह व्यापक लोकतांत्रिक कवायद के सुचारू संचालन के लिए तौर तरीकों पर काम कर रहा है।

 

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