बीजेपी का डबल चुनाव प्लान,एनडीए के लिए नए साथी की खोज के साथ संगठन पर भी ध्यान

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बीरेंद्र कुमार झा

मिशन 2024 की तैयारी में जुटी बीजेपी, संगठन को पूरी तरह चाक-चौबंद करने के साथ-साथ भविष्य की सहयोगीयों के लिए भी रास्ता बना रही है।पार्टी चार राज्यों में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अभी आधा दर्जन और प्रदेशों में बदलाव कर सकती है।जल्दी ही केंद्रीय संगठन में कुछ नई नियुक्तियां, राज्यों के प्रभार व चुनाव प्रबंधन के स्तर पर भी बदलाव होने हैं।इसका असर केंद्र सरकार पर भी पड़ सकता है,जिसमें कुछ नए मंत्रियों को भी शामिल किए जाने की संभावना है।

बीजेपी ने मंगलवार को चार राज्यों पंजाब,आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और झारखंड के प्रदेश अध्यक्षों में बदलाव किया था। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पार्टी अभी कर्नाटक, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, गुजरात और मध्यप्रदेश में भी पार्टी संगठन में बदलाव कर सकती है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा संगठनात्मक कवायद में जुटे हैं और जल्दी ही कुछ और अहम परिवर्तन सामने आ सकते हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीया और प्रह्लाद पटेल ने भी जेपी नड्डा से मुलाकात की है। कुछ और मंत्री भी अभी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं।

आगामी 9 महीने महत्वपूर्ण

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया था कि अब आगे चुनावी मिशन है और इसके लिए आगामी 9 महीने बेहद अहम हैं। ऐसे में संगठन व सरकार में हर स्तर पर मिशन 2024 के मद्देनजर ही काफी काम किए जा रहे हैं। क्षेत्रीय संगठनात्मक बैठक भी इसका ही हिस्सा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र की बैठक गुरुवार को गुवाहाटी में होने जा रही है।इसके बाद दो बैठकें दिल्ली और हैदराबाद में भी होनी है।

मजबूत क्षेत्रीय दलों पर नजर

मौजूदा बदलाव में भावी मिशन के संकेत भी मिल रहे हैं। इसमें अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपनी ताकत बढ़ाने के साथ नए सहयोगियों के लिए भी रास्ता बनाए रखा है।आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पंजाब में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा से इसके संकेत भी मिल रहे हैं ।इन तीनों राज्यों में बीजेपी बहुत मजबूत नहीं है।यहां मजबूत क्षेत्रीय दलों पर बीजेपी की नजर है।पंजाब में बीजेपी और अकाली दल के बीच लंबा गठबंधन रहा है ,जिसमें सिख नेतृत्व पर अकाली दल और गैर सिख नेतृत्व पर बीजेपी जोर देती रही है।अब बीजेपी ने सुनील जाखड़ को अध्यक्ष बना कर गैर सिख चेहरे को सामने कर अकाली दल के साथ सहयोग का रास्ता खुला रखा है।

भविष्य के लिए छिपे संदेश

आंध्र प्रदेश में बीजेपी ने डी पुरंदेश्वरी को लाकर साफ कर दिया है कि वह तेलुगु देधम के करीब जाने के बजाय अपनी ताकत बढ़ाएगी और साथ ही सत्तारूढ़ वाईएसआरसीपी के साथ रिश्तो को खुला भी रखेगी। तेलंगाना में जी किशन रेड्डी को अध्यक्ष बना कर बीजेपी ने सत्तारूढ़ बीआरएस को भी भविष्य के लिए संकेत दिया है। मौजूदा अध्यक्ष संजय बंडी को लेकर कुछ दिक्कत आ रही थी।गौरतलब है कि यह तीनों ही दल विपक्षी एकता की पटना की बैठक में शामिल नहीं हुआ था।

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