टॉयलेट में आप भी लगाते हैं ज्यादा जोर? ये हो सकती है दिक्कतें

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रोज सुबह टॉयलेट जाना हर किसी की दिनचर्या का हिस्सा है, लेकिन कई लोगों की शिकायत रहती है कि इस दौरान उनका ठीक तरीके से पेट साफ नहीं होता है और काफी दम लगाना पड़ता है, ऐसा उनके साथ एक बार नहीं रोजाना होता है। कभी कब्ज की वजह से तो कभी जल्दी में यह आदत बन जाती है, और ज्यादातर लोग इस बात को सामान्य समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन उनको जानकारी होनी चाहिए कि इस विषय पर डॉक्टरों की क्या राय है?

इस बारे में डॉक्टरों का कहना है कि बार-बार टॉयलेट में जरूरत से ज्यादा जोर लगाना शरीर के लिए कई तरह से नुकसानदायक हो सकता है।आइए जानते हैं इसके बारे पूरी जानकारी कि इससे शरीर को किन किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

हर किसी को समझना चाहिए कि इस परेशानी को नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करना चाहिए वरना आप बड़ी बीमारी के शिकार हो सकते हैं।गौरतलब है कि हमारे मल निकलने वाली जगह के आस पास मौजूद नसों पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे वे सूज जाते हैं और फिर यही कारण बनते हैं बवासीर जैसी बीमारी की।

इसके अलावा इस परेशानी के लगातार रहने से गुदा के अंदर की मुलायम परत में छोटे-छोटे कट या दरारें भी आ सकती हैं, जिन्हें एनल फिशर कहा जाता है और इनकी वजह से टॉयलेट में फ्रेश होने जाते हैं तो जोर लगाने के साथ साथ दर्द होता है और खून निकलने की समस्या होने लगती है। वहीं एक बार यह दरारें बनने के बाद बार-बार जोर लगाने से घाव सही तरीके से भर नहीं पाता, जिससे दर्द, खून आना और गुदा की मांसपेशियों में ऐंठन जैसी दिक्कतें बनी रह जाती हैं जो लगातार रहने से एक बड़ी बीमारी बन जाती है।

कई बार लोग इन्हीं दर्द और परेशानी से बचने के लिए टॉयलेट जाने से बचते हैं, और अच्छी तरह खाना नहीं खाते हैं जिसके कारण उनकी हालत और खराब हो जाती है।लगातार जोर लगाने का असर सिर्फ गुदा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे शरीर के निचले हिस्से की सहारा देने वाली मांसपेशियां भी कमजोर पड़ने लगती हैं। यह दबाव इतना बढ़ सकता है कि गुदा के आसपास की मांसपेशियां और टिशू कमजोर पड़ जाते हैं, जिससे रेक्टम का कुछ हिस्सा गुदा के रास्ते बाहर की तरफ निकलने लगता है, जिसे रेक्टल प्रोलैप्स कहा जाता है।

यह समस्या शुरुआत में हल्की लग सकती है, लेकिन समय के साथ गंभीर हो जाती है और कई बार इसकी वजह से पेशाब पर नियंत्रण खोने जैसी दिक्कत भी हो सकती है। ज्यादातर मामलों में इस स्थिति को ठीक करने के लिए ऑपरेशन तक की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।डॉक्टर बताते हैं कि शरीर से हमारा जितना मल निकलेगा उतना हमारे शरीर के लिए फायदेमंद रहेगा, वहीं इस परेशानी को लोग शर्म की वजह से किसी को बताते नहीं है और जब परेशानी बड़ी हो जाती है तो उसके इलाज के बारे में सोच कर और डर जाते हैं।इसलिए जरूरी है कि आप परेशानी को बड़ी होने से पहले ही रोक दें और डॉक्टर को बेझिझक अपनी परेशानी बताएं।

यहां तक तो ठीक था, लेकिन आपको जानकर और हैरानी होगी कि इसका जितना असर पेट और गुदा पर पड़ता है उतना ही इसका असर दिल तक भी पहुंच जाता है। जोर लगाते समय सीने के अंदर का दबाव अचानक बढ़ जाता है, जिससे थोड़ी देर के लिए खून का बहाव प्रभावित हो सकता है, इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि टॉयलेट में जोर लगाने की आदत से बचना चाहिए।इसके लिए सबसे आसान तरीका है कि रोज पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
अगर साधारण पानी से असर नहीं होता है तो पानी को थोड़ा गुनगुना करके पिएं, खाने में फाइबर यानी रेशेदार चीजों की मात्रा बढ़ाएं, और शरीर को एक्टिव रखें, खाने में मसालों का सेवन कम करें जैसे लाल मिर्च और गरम मसाले जैसे मसालों का, इसके अलावा सबसे जरूरी घर के साधारण खाने पर ज्यादा ध्यान दें कई बार लोग कामकाज में व्यस्त होकर खाना खाना भूल जाते हैं और बस पिज्जा या बर्गर खा कर काम चला लेते हैं। साथ ही जरूरत से ज्यादा देर तक टॉयलेट में बैठे रहने से भी बचना चाहिए और जब भी शरीर मल त्याग का संकेत दे, उसे टालना नहीं चाहिए।इसके अलावा सबसे जरूरी अगर ये परेशानी लंबे समय तक है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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