Didi Ki Rasoi Bihar: ‘दीदी की रसोई’ का जबरदस्त क्रेज! University से Hospital तक छाई, सस्ते खाने से बदली तस्वीर

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  • पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में अन्नपूर्णा जीविका दीदी की रसोई का हुआ उद्घाटन

  • शहरी क्षेत्र में 18 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार के लिए आर्थिक सहायता देने की तैयारी

  • रोजगार शुरू करने वाली महिलाओं के खाते में इसी महीने भेजी जाएगी 20-20 हजार की सहायता राशि

  • Bihar में ‘दीदी की रसोई’ बनी नया मॉडल, तेजी से बढ़ रही डिमांड

Didi Ki Rasoi Bihar: बिहार में महिला रोजगार का नया चेहरा बन चुकी ‘दीदी की रसोई’ अब तेजी से हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है। सस्ते और गुणवत्तापूर्ण भोजन की वजह से इसकी मांग लगातार बढ़ रही है और अब इसे सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों तक विस्तार देने की तैयारी है।

Patliputra University में ‘अन्नपूर्णा दीदी की रसोई’ का उद्घाटन

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में ‘अन्नपूर्णा जीविका दीदी की रसोई’ का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर श्रवण कुमार ने कहा कि इस पहल से छात्रों और स्टाफ को सस्ते दर पर बेहतर भोजन मिलेगा। इस रसोई से करीब 500 से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलने वाला है।

सरकारी दफ्तरों और अस्पतालों तक पहुंची दीदी की रसोई

‘दीदी की रसोई’ अब सिर्फ कैंटीन तक सीमित नहीं है। राज्य के मेडिकल कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावास, जिला और अनुमंडल अस्पतालों में भी इसका संचालन हो रहा है। करीब 6 हजार से अधिक जीविका दीदियां इस योजना के तहत काम कर रही हैं और इसे सफल बना रही हैं।

महिलाओं के लिए बड़ा मौका: 20 हजार की नई आर्थिक मदद

सरकार अब शहरी क्षेत्रों में भी इस योजना को बड़े स्तर पर लागू करने जा रही है। करीब 18 लाख महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की तैयारी है। जो महिलाएं पहले से काम शुरू कर चुकी हैं, उन्हें सेकेंड फेज में इसी महीने 20-20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उनके खातों में भेजी जाएगी।

1.5 करोड़ परिवार जुड़े, महिलाओं की बदली जिंदगी

जीविका के तहत अब तक 11.67 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह बनाए जा चुके हैं और 1.5 करोड़ से ज्यादा परिवार इससे जुड़ चुके हैं। इस योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है।

कुलपति ने बताया ‘सर्वश्रेष्ठ पहल’

विश्वविद्यालय के कुलपति उपेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इस तरह की पहल से छात्रों को सुविधा मिलने के साथ-साथ समाज में आत्मनिर्भरता और सहभागिता की भावना भी मजबूत होती है। यह शिक्षा और सेवा का बेहतरीन संगम है।

निरीक्षण के बाद मंत्री ने की सराहना

उद्घाटन के बाद मंत्री ने कैंटीन का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की सराहना की। इस दौरान विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद भी मौजूद रहे।

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