विकास कुमार
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में धर्म परिवर्तन के खेल का भंडाफोड़ हुआ है। नंदग्राम थाने की पुलिस ने इस खेल में शामिल मौलवी सरफराज को गिरफ्तार किया है। सरफराज पर आरोप है कि वह इलाज में फायदा के लिए धर्म परिवर्तन करवाता था। सरफराज के कहने पर एक महिला ने 2017 में अपना धर्म परिवर्तन किया था। उस समय उस महिला के बच्चे नाबालिग थे,अब पीड़ित महिला के बेटे ने बगावत कर पूरे परिवार को मूल धर्म में वापस करा लिया है।
वहीं नंदग्राम के एसीपी रवि कुमार सिंह ने बताया की 23 तारीख को एक युवक ने थाने पर आकर तहरीर दी थी। युवक ने बताया कि उसकी मां 2017 में एक मौलवी के फेर में आ गई थी। पीड़ित ने बताया कि 2017 में उनका परिवार शारीरिक और मानसिक रूप से काफी परेशान था। तब उसकी मां किसी के सलाह पर मधुबन बापूधाम निवासी मौलवी सरफराज से मिली। सरफराज ने झाड़ फूंक से उन लोगों का इलाज करने का झांसा दिया। सरफराज ने महिला से कहा कि यदि वह इस्लाम धर्म को मानेगी तो तुम्हें बहुत फायदा होगा। अब महिला के बेटे ने बताया कि उनका परिवार धर्म परिवर्तन नहीं करना चाहता है। वहीं पीड़ित परिवार वापस अपने मूल धर्म में लौट चुका है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सरफराज को गिरफ्तार कर लिया है।
झांसा देकर या लालच देकर किसी का धर्म परिवर्तन करवाना गैरकानूनी है। अब मौलवी सरफराज को उसके किए की सजा भुगतनी होगी।

