Delhi Air Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है। शहर के ऊपर धुंध और स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है। दिवाली के दिन हवा की गुणवत्ता बेहद खराब से गंभीर श्रेणी के बीच पहुंच गई है। आशंका है कि पटाखों के धुएं के कारण हालात और बिगड़ सकते हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 364 से 369 के बीच दर्ज किया गया। वहीं, कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच गया। IIT दिल्ली के आसपास AQI 440 से 452 तक रहा। पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी, रोहिणी, आरके पुरम और विवेक विहार में भी हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई।
59 निगरानी केंद्रों में से करीब 16 से 22 केंद्रों पर AQI 400 के पार रहा। प्रदूषण के चलते दृश्यता भी प्रभावित हुई है। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने और घर के भीतर रहने की सलाह दी है।
8-9 नवंबर को भी राहत के आसार नहीं
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुमान के अनुसार, 8 और 9 नवंबर को दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में रह सकती है। पटाखों का धुआं, पराली जलाने और हवा की धीमी रफ्तार से प्रदूषण बढ़ने की आशंका है।
प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली-एनसीआर में GRAP का तीसरा चरण लागू है। इसके तहत निर्माण गतिविधियों पर रोक, कुछ वाहनों पर पाबंदी और कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति जैसे कदम उठाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, ग्रीन पटाखे भी तय समय सीमा में ही जलाए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, वाहनों और उद्योगों से निकलने वाला धुआं, पराली जलाना और सर्दियों का मौसम मिलकर दिल्ली-एनसीआर की हवा को लगातार प्रदूषित कर रहे हैं। लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

