3 गुनी ज्यादा शुगर वाली फेंटा कितनी खतरनाक, जानें हेल्थ को कितने गुना नुकसान?

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भारत में मिलने वाली Fanta और ब्रिटेन में बिकने वाली Fanta के पोषण लेबल को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा होती रहती है।दोनों देशों में एक ही ब्रांड का ड्रिंक होने के बावजूद इसकी रेसिपी और शुगर की मात्रा अलग हो सकती है।भारत की Fanta में प्रति 100 ml करीब 13.7 ग्राम शुगर है, जबकि UK की Fanta Orange में करीब 4.5 ग्राम शुगर है। यानी भारतीय वेरिएंट में शुगर करीब तीन गुना है।

भारत और यूके में बिकने वाली Fanta को सिर्फ एक ही फॉर्मूले का ड्रिंक मानना सही नहीं होगा।अलग-अलग देशों में कंपनियां स्थानीय बाजार, उपभोक्ताओ की पसंद, स्वाद, टैक्स, नियम और उपलब्ध सामग्री के हिसाब से उत्पाद की रेसिपी तय करती हैं. भारत की Fanta में 100 ml पर 13.7 ग्राम शुगर दर्ज है, जबकि UK Fanta Orange में 4.5 ग्राम शुगर और स्वीटनर्स का इस्तेमाल किया गया है।इसका मतलब यह नहीं है कि UK की Fanta पूरी तरह हेल्दी है।वहां भी यह एक मीठा कार्बोनेटेड ड्रिंक है। फर्क मुख्य रूप से इसमें मौजूद शुगर की मात्रा का है।उदाहरण के लिए, 500 ml भारतीय Fanta में लेबल के हिसाब से करीब 68.5 ग्राम शुगर हो सकती है, जबकि उतनी ही मात्रा की UK Fanta Orange में करीब 22.5 ग्राम शुगर होगी।इसलिए मात्रा के साथ लेबल पढना जरूरी है।

किसी भी पैकेज्ड ड्रिंक का फॉर्मूला केवल स्वाद के आधार पर तय नही होता। कंपनियों को अलग-अलग बाजारों में उपभोक्ताओं की पसंद, कीमत, रेगुलेशन और प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखना पड़ता है।भारत में मीठे और तेज स्वाद वाले सॉफ्ट ड्रिंक्स का बड़ा बाजार है, इसलिए स्वाद और उपभोक्ता मांग भी प्रोडक्ट की संरचना को प्रभावित कर सकती है।

हालांकि अब बाजार में कम और जीरो-शुगर विकल्पों की मांग भी बढ़ रही है। UK में Fanta Orange Zero जैसे विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें सामान्य Fanta की तुलना में शुगर काफी कम है. भारत में भी उपभोक्ताओ के बीच हेल्थ और न्यूट्रिशन को लेकर जागरूकता बढ़ने के साथ कम शुगर वाले विकल्पों की मांग महत्वपूर्ण होती जा रही है। यही वजह है कि किसी एक देश के प्रोडक्ट को दूसरे देश के प्रोडक्ट से तुलना करते समय सिर्फ कीमत या स्वाद नहीं, बल्कि न्यूट्रिशन लेबल और सर्विंग साइज को भी देखना चाहिए।

ज्यादा शुगर वाली ड्रिंक का नियमित और अधिक सेवन शरीर में अतिरिक्त कैलोरी पहुंचा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक फ्री शुगर का सेवन कुल दैनिक ऊर्जा का 10% से कम रखना चाहिए और इसे 5% से नीचे लाने पर अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।

WHO के अनुसार ज्यादा फ्री शुगर का सेवन वजन बढ़ने, मोटापे और दांतों में कैविटी के बढ़ते जोखिम से जुड़ा है। ज्यादा मीठे पेय पदार्थों का लगातार सेवन इसलिए चिंता का विषय बन सकता है, खासकर तब जब व्यक्ति दिनभर में चाय, मिठाई, बिस्किट और दूसरे मीठे खाद्य पदार्थों से भी शुगर ले रहा हो।

यह कहना सही नहीं होगा कि भारतीय Fanta पीने से किसी व्यक्ति को “तीन गुना ज्यादा बीमारी” होगी।तीन गुना का अंतर यहां शुगर की मात्रा में है, बीमारी के जोखिम में नहीं।असली खतरा इस बात पर निर्भर करता है कि कितनी मात्रा में और कितनी बार ऐसी ड्रिंक पी जाती है।कभी-कभार सीमित मात्रा लेने की तुलना में रोजाना ज्यादा मात्रा में सेवन ज्यादा चिंता की बात है।

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