बिहार में अपराधी बेलगाम, पीड़ित के शवों की राख की गर्मी से सिक रही राजनीतिक रोटी

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बिहार में चुनाव अब बिल्कुल टिकट आ गया है।भले ही चुनाव आयोग ने यहां विधानसभा चुनाव को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं किया हो ओर वह यहां अभी मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में ही अटकी हुई हो,राजनीतिक दलों ने भी अभी अपने चुनावी में तेजी नहीं लाया हो।लेकिन अपराधियों ने बिहार में सामान्य से कहीं ज्यादा बढ़कर बिहार में अपराधिक कारनामा करना शुरू कर दिया है। इसे देखते हुए राजनीति के दल के नेताओं ने अब इस अपराध की गर्मी से अपनी राजनीतिक रोटियां सीखने के लिए तरह-तरह के बयान देना शुरू कर दिया इन बयान वीरों के बयान से जो परिवार प्रभावित हुआ है या निकट भविष्य में प्रभावित हो सकते हैं उन्हें कोई लाभ मिले या ना मिले लेकिन सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक कि राजनेताओं ने इसका राजनीतिक लाभ लेने के लिए तरह-तरह के बयान देने देना शुरू कर दिया है लिए एक नजर डालते हैं इन बयानों पर और उससे उत्पन्न राजनीतिक परिस्थितियों पर इस उम्मीद के साथ की कम से कम अपने बयानों के लिए कोशिश करने के लिए भी अगर अपराध में कुछ कमी हो जाए तो यह बिहार के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी आई डालते हैं एक नजर विभिन्न राजनेताओं की अपराध को लेकर राजनीतिक बयानों पर जिससे फिलहाल अपराध के ग्राफ पर कोई असर पड़ता नजर नहीं आ रहा है।

सिर्फ जुलाई 2025 में राजधानी पटना में ही हुई मौत और बलात्कार के चर्चित मामले पर नजर डालें तो इससे आपका कलेजा दहल उठेगा और आंखे शर्मसार हो जाएगी।

बिहार के प्रसिद्ध उद्योगपति गोपाल खेमका को उसके घर के निकट गोली मार दी गई, बालु कारोबारी रमाकांत को दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई।वकील जितेंद्र महतो को तब गोली मार दी गई जब वे घर से निकलकर चाय पीने मोहल्ले के ही एक दुकान पर गए थे।एक स्कूल संचालक को गोली मार दी गई।तो चंदन मिश्र को बेखौफ अपराधियों ने नामी पारस अस्पताल में इलाज के दौरान 5 – 5 अपराधियों ने सरेआम हथियार लहराते हुए गोली मार दी और वैसे ही हत्या करने के बाद बेखौफ होकर चले गए।
इसी प्रकार से 7 महीने की प्रेग्नेंट महिला से बार-बार झाड़ को के नाम पर बलात्कार की घटना को अंजाम दिए जाने का मामला हो चाहे दानापुर के सुगना मोड़ के पास स्थित होटल में एक नाबालिक के साथ गैंगरेप का मामला किसी को भी शर्मसार करने के लिए काफी है। लेकिन बिहार में यह कुछ भी नहीं। यहां तो एक दिन पूर्व ही होम गार्ड की शारीरिक जांच परीक्षा देने आई, बेहोश युवती के साथ उस एंबुलेंस के ड्राइवर और टेक्नीशियन ने बलात्कार कर दरिंदगी के मामले में सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

कुछ गिरफ्तारियां हुई, एक ईनकाउंटर भी हुआ।लेकिन अपराध का ग्राफ अभी भी बढ़ता ही जा रहा है।भले ही वर्तमान नीतीश सरकार राज्य में लालू राबड़ी सरकार की तरह राज्य में सत्ता संपोषित अपराध नहीं होने की बात करता हो,कुछ गिरफ्तारियां को अपनी बड़ी उपलब्धि बताते हों,लेकिन अपराध के इन बढ़ते आंकड़ों से आम जन बहुत ज्यादा ही शर्मसार हो रहे हैं।

पीड़ित परिवार भले ही जार बेजार रो रहा हो,अगला नंबर किसका आने वाला है,इसे लेकर ससंकित हो रहे हों, लेकिन इस सबसे परे राजनेता जो अपने आप को कई मामले उत्कृष्ट समझते हैं, उनके बीच राजनीति तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्षी राजनीतिक दल तो एक दूसरे को घेर ही रहे हैं ।सत्ताधारी दलों के घटक दलों में भी इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।आईये डालते हैं इस मामले में किस नेता ने क्या कहा और क्या यह बिहार को इस बदनामी से निकालने के लिए बोले जा रहे हैं, या फिर अपनी राजनीतिक चमकाने के लिए।

अपराध को लेकर अपनी ही गठबंधन के घटक दल वाले सरकार की भर्त्सना करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि उन्हें ऐसे शासन का समर्थन करने में दुख हो रहा है जो बेलगाम अपराधों को रोकने में असमर्थ है और राज्य के लोगों के जीवन के साथ खेल रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रशासन अपराधियों से मिला हुआ है और नहीं तो फिर इस प्रशासन से अपराध पर नियंत्रण नहीं हो सकता है।

चिराग पासवान ने जनता दल यूनाइटेड के नेतृत्व वाले सरकार पर जब अपराध के बहाने प्रहार किया तो जनता दल यूनाइटेड ने भी इस पर पलटवार किया जनता दल यूनाइटेड के एमएलसी नीरज कुमार ने चिराग पासवान के बयान पर कहा उन्हें इस बात का दुख है तो दुखी व्यक्ति ढंग से काम नहीं कर पता है उन्हें यह बात केंद्र में जहां हुए मंत्री हैं वहां उठाया जाना चाहिए साथी जनता दल यूनाइटेड की तरफ से यह भी कहा गया कि चिराग पासवान का शरीर कहीं और है तथा मन कहीं और।उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार पर प्रधानमंत्री को भरोसा है ,नीतीश कुमार पर जनता को भरोसा है और यही लोगों के लिए काम करेंगे ।

वही हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र राम मांझी ने चिराग के ऐसे बयान को अनुभव की कमी बताई। उन्होंने कहा कि उनके पिताजी ने लंबे समय तक राजनीति की थी। उन्हें सब कुछ अपराध के बारे में पता था चिराग पासवान अभी नए हैं इसलिए इन्हें बहुत सारी बातों की जानकारी नहीं है।

कांग्रेस के सांसद सुखदेव भगत ने भी चिराग के मुद्दे को लेकर अपनी राजनीतिक हित साधने की तैयारी कर ली। उन्होंने कहा की हमारी पार्टी जो आरोप नीतीश कुमार पर लगाती थी, इसकी सत्यता को अब एनडीए के घटक दल के नेता चिराग पासवान भी स्वीकार करने लगे हैं।

लोक जनशक्ति (रामविलास) पार्टी के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर जो सवाल उठाए हैं, उसे लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान पर तंज कसते हुए कहा कि वह भी सरकार के ही अंग हैं। तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि बिहार में अपराधी विजय और सम्राट हो चुके हैं।लॉ एंड ऑर्डर का क्रिमिनल डिसऑर्डर हो चुका है और चिराग पासवान भी सरकार के ही अंग हैं, जो मुद्दा उठा रहे हैं।

तेजस्वी ने चिराग पासवान पर हमला बोलते हुए कहा कि चिराग केंद्रीय मंत्री हैं, उनके पांच-पांच एमपी हैं। ऐसे में खुद को कमजोर क्‍यों समझ रहे हैं। वह अपनी ही सरकार और मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर सवाल खड़े कर रहे हैं।चिराग यह दिखा रहे हैं कि वह कितने कमजोर हो चुके हैं।

चिराग पासवान खुद को बिहार की फर्स्ट की राजनीति करने वालों का पुरोधा मानते हुए अपने आप को मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करना चाहते हैं साथ ही बिहार विधानसभा में उनके अपनी पार्टी के सदस्य के नहीं रहने से उनके लिए ऐसे आरोप लगाना, अपनी राजनीति को चमकाने में कारगर कदम सिद्ध हो सकता है। मुख्यमंत्री की दावेदारी ना सही ,लेकिन चुनाव में पार्टी को मिलने वाले सीटों में थोड़ी हिस्सेदारी बढ़ गई तो यह भी बड़ी उपलब्धि होगी।

बात चिराग पासवान के 2020 के चुनाव के दौरान अपने आप को मोदी का हनुमान कहने और जेडीयू को हराने में पूरा जोर लगा देने की करें तो तब चिराग पासवान ने अपने चिराग से जेडीयू की कई जगह झुलसाया था।इस चुनाव में वे अगर अपनी हेठी पर उतर आए रामायण के हनुमान के विपरीत मोदी का हनुमान कहने वाले वाले चिराग पासवान अब अपने ही घर एनडीए म आग लगा दें तो आश्चर्य नहीं।

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