अखिलेश अखिल
चुनावी राजनीति कितनी पतित हो जाती है उसकी बानगी मौजूदा राजनीतिक खेल से पता चलता है। सरकार कहती है कि वह भ्रष्टाचार पर नकेल कसना चाहती है लेकिन भ्रष्टाचार पर लगे आरोपों की जांच वह करती नहीं। अडानी का खेल सामने है। उधर विपक्ष कहता है कि मोदी सरकार और बीजेपी के लोग भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हैं। लेकिन यही विपक्ष अपने-अपने राज्यों में खेल भी दिखती है। दो दल यह कहते हैं कि देश और जनता सब देख रहे हैं। और जनता है कि वह मौन साध कर अपने लोभ लालच के मुताबिक सबके साथ खड़ी है। जब जनता लालची या विवश हो जाती है तो सरकार और राजनीति ठगिनी हो जाती है। कह सकते हैं कि लोभी जनता सरकार को ठग बनाने को मजबूर करती है। असली नारा तो यही होना चाहिए कि लोभी जनता ,ठग सरकार।
पिछले महीने भर से देश के भीतर जो कुछ भी होता दिख रहा है ,पहले कभी देखा नहीं गया नहीं गया। सरकार के इरादे भी बेईमानी वाले ही है और विपक्ष के इरादे भी ठीक नहीं। हाँ विपक्ष एक बात के लिए सरकार को घेर सकती है कि मौजूदा समय में जितनी करवाई हो रही है वह विपक्ष के खिलाफ ही। इस खेल में सरकार माहिर है। उसे जनता का नब्ज पता है। सामने चुनाव है। बीजेपी किसी भी सूरत में चुनावी दाव में फेल होना नहीं चाहती।
आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर जोरदार हमला बोला है। भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली मोदी सरकार को खड़गे ने आइना दिखाते हुए कई सवाल पूछे हैं। देश की बैंकों का पैसा लेकर भागने वाले उद्योगपतियों का नाम लेत हुए खड़गे ने ट्वीट कर कहा, “नरेंद्र मोदी जी अडानी की शेल कंपनियों में 20,000 करोड़ किसके हैं? ललित मोदी, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, विजय माल्या, जतिन मेहता आदि क्या आपके ‘भ्रष्टाचारी भगाओ अभियान’ के सदस्य हैं? आप इस गठबंधन के संयोजक हैं? खुद को भ्रष्टाचार विरोधी योद्धा बता ईमेज मेकओवर बंद कीजिए!”
कांग्रेस अध्यक्ष ने एक अन्य ट्वीट में बीजेपी नेताओं द्वारा और बीजेपी सरकारों में हो रहे भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाते हुए पीएम मोदी से सवाल पूछा। खड़गे ने लिखा, “पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखें- कर्नाटक में आपकी सरकार पर 40 फीसदी कमीशन का आरोप क्यों है? मेघालय में नंबर 1 भ्रष्टाचारी सरकार में आप शामिल क्यों? राजस्थान में संजीवनी कोऑपरेटिव घोटाला, मध्य प्रदेश का पोषण घोटाला या छत्तीसगढ़ में नान घोटाला में क्या बीजेपी नेता शामिल नहीं?”
कर्नाटक में बीजेपी सरकार भाष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरी हुई है। आरोप है कि किसी भी डेंटर के लिए 40 फिसदी कमीशन मांगा जाता है, उसके बाद ही टेंडर मिलता है। अभी कुछ दिन पहले ही बीजेपी नेता के बेटे और बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) के मुख्य लेखाकार प्रशांत मदल को कर्नाटक लोकायुक्त के अधिकारियों ने 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। प्रशांत ने एक टेंडर प्रक्रिया को क्लीयर करने के लिए 80 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। प्रशांत, चन्नागिरि विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा बीजेपी विधायक के. मदल विरुपक्षप्पा के बेटे हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय एजेंसियों द्वारा विपक्षी नेताओं के यहां छापे मारे जाने के मुद्दे को उठाते हुए पीएम मोदी और बीजेपी से सवाल पूछा है। खड़गे ने ट्वीट कर कहा, “विपक्ष के 95 फिसदी नेताओं पर ईडी और बीजेपी में शामिल नेता वॉशिंग मशीन से धुलकर साफ? छप्पन इंच की छाती है तो जेपीसी बैठाइये और 9 सालों में पहली बार सरेआम खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस कीजिये। हां! उनको जवाब दीजिएगा जो यह ना पूछें कि ‘आप आम कैसे खोते हैं’ या ‘आप थकते क्यों नहीं!”

