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राजघाट पर कांग्रेस अध्यक्ष खडगे और प्रियंका गांधी ने किया सत्याग्रह

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न्यूज डेस्क
आज सुबह दस बजे कांग्रेस ने राजघाट पर सत्याग्रह शुरू किया जिसमे पार्टी अध्यक्ष खडगे और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी शामिल हुए। देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर मंडराते खतरे और राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म किए जाने को लेकर कांग्रेस ने देशभर में आंदोलन चलाने का आह्वान किया है। इसी क्रम में आज देश भर के जिला मुख्यालयों और राज्यों की राजधानियों में कांग्रेस सत्याग्रह कर रही है। राजधानी दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव प्रियंका गांधी पहुंचे।

इसके साथ ही सोमवार से देशभर में आंदोलन चलाने की भी रूपरेखा तैयार की गई है। पार्टी की तरफ से सभी प्रदेश इकाइयों को रविवार को जिला मुख्यालयों पर गांधी प्रतिमा के सामने सुबह 10 से शाम 5 बजे सत्याग्रह करने को कहा गया है। पार्टी की तरफ से फिलहाल आंदोलन को धार देने की जिम्मेदारी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव प्रियंका गांधी ने संभाली है।


कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल ने बीती शाम सत्याग्रह के बारे में ट्वीट पर कहा कि, “हम बापू के शिष्य हैं और उन्होंने हमें सत्य के लिए लड़ने की प्रेरणा दी है। हम लोकतंत्र पर बीजेपी के हमले का डटकर मुकाबला करेंगे।”

बता दें कि राहुल गांधी को शुक्रवार को लोकसभा से निलंबित कर दिया गया। इस बाबत जारी अधिसूचना में सूरत कोर्ट के उस फैसले को आधार बताया गया है जिसमें राहुल गांधी को अवमानना के एक मामले में दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई गई है। इसके बाद राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वे इस सवाल को उठा रहे हैं कि गौतम अडानी की कंपनियों में 20,000 करोड़ रुपए का निवेश आखिर किसने किया है। उन्होंने कहा कि वे इस सवाल को लगातार उठाते रहेंगे।

उधर बीती रात केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में मशाल जुलूस निकाला। केरल कांग्रेस ने कहा कि यह मशाल मार्च अलोकतांत्रिक तरीके से राहुल गांधी की संसद सदस्यता खत्म करने के खिलाफ है और बीजेपी के फासीवाद शासन के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।

राहुल गांधी के मामले पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि ये सिर्फ एक कानूनी मुद्दा नहीं है, ये एक बहुत गंभीर राजनीतिक मुद्दा भी है, जो हमारे लोकतंत्र के भविष्य से जुड़ा हुआ है। ये मोदी सरकार की प्रतिशोध की राजनीति, धमकी की राजनीति, डराने की राजनीति और उत्पीड़न की राजनीति की एक बड़ी मिसाल है। इसको हम कानूनी तरीके से भी लड़ेंगे। जो कानून हमें अधिकार देता है, उन अधिकारों का इस्तेमाल हम करेंगे, पर ये एक राजनीतिक मुकाबला भी है, इसका हम सीधा मुकाबला करेंगे, हम पीछे हटेंगे नहीं, हम डरेंगे नहीं, इसे हम बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बनाएंगे।

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