बीजेपी के 80% दलितों मतों पर सेंधमारी की तैयारी में कांग्रेस,160 सीटों पर असर पड़ने के आसार

0
166

बीरेंद्र कुमार झा

वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की रणनीति दलित मतदाताओं पर केंद्रित रहेगी। कर्नाटक में एससी/एसटी मतदाताओं के समर्थन से उत्साहित पार्टी अब दूसरे राज्यों में भी दलित मतदाताओं तक व्यापक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बाद कुछ और राज्यों में भी दलित समुदाय के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर सकती हैं।साथ ही दलित मतदाताओं का भरोसा जीतने के लिए पार्टी ने एक अभियान भी शुरू किया है।

पिछले 2 लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत सुनिश्चित करने में दलितों का था बड़ा हाथ

मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक देश में करीब 17 फ़ीसदी दलित समुदाय के लोग हैं। लोकसभा में 131 सीट अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। लेकिन दलित मतदाता करीब 160 सीटों पर असर डालते हैं। वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को एससी/एसटी के लोगों का समर्थन मिला था। वर्ष 2014 में बीजेपी को 17.7 फ़ीसदी एससी और 34.23 एसटी वोट मिला था, जबकि वर्ष 2019 में बीजेपी को 38.18 फीसदी एससी और 42 फ़ीसदी एसटी वोट मिला था।

बीजेपी के इस वोट बैंक को अपने पाले में करने में जुटी कांग्रेस

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार लोकसभा में दलित मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम है। मल्लिकार्जुन खड़गे के अध्यक्ष बनने से कर्नाटक में पार्टी को दलित मतदाताओं का समर्थन मिला है। वहां कांग्रेस के दलित वोट में करीब 14 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में pभी दलित मतदाता कांग्रेस पर भरोसा जाताएंगे। इसके लिए पार्टी प्रदेश स्तर पर दलित संवाद भी कर रही है।

कांग्रेसी रणनीतिकार मांगते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में दलित मतदाताओं का बीजेपी से मोहभंग हुआ है। ऐसे में कांग्रेस को खड़गे के नेतृत्व और संगठन में दलित नेताओं को ज्यादा हिस्सेदारी देने का फायदा मिल सकता है। पार्टी ने रायपुर महाधिवेशन के दौरान संगठन में एससी, एसटी ,ओबीसी और अल्पसंख्यकों की हर स्तर पर जिम्मेदारी बढ़ाने के लिए 50 फ़ीसदी आरक्षण देने का फैसला किया था।

पार्टी के एक नेता ने कहा की दलित संवाद के साथ कांग्रेस संगठन में भी दलित नेताओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही है।जल्द ही संभावित फेरबदल में इसका आंसर नजर आएगा। कांग्रेसी रणनीतिकार मानते हैं कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए समाज के हर वर्ग और हर तबके तक पहुंचना जरूरी है,इसलिए पार्टी लोकसभा की 131 आरक्षित सीटों पर खास ध्यान दे रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here