खा जा रहा था। ठीक उसी समय भारतीय जनता पार्टी सांसद रमेश बिधूड़ी ने बहुजन समाज पार्टी सांसद दानिश अली को लेकर आपत्तिजनक बयान देकर विपक्ष को बैठे बिठाये एक मौका दे दिया।कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाने में जरा भी देरी नहीं की। वह इस मामले में बीएसपी से भी अधिक तत्पर दिखी।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी दानिश अली से मिलने के लिए न सिर्फ उसके आवास पर पहुंचे,बल्कि उन्हें भी गले भी लगाया और इई नफरत की बाजार में मोहब्बत की दुकान करार दिया।
दानिश अली को लेकर बीजेपी सांसद के द्वारा किए गए आपत्तिजनक बयान पर मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसके लिए एक्स का सहारा लियाहै,लेकिन इस मेक कांग्रेस ज्यादा एक्टिव दिख रही है। राहुल की दानिश से मुलाकात से पहले जयराम रमेश ने विधूड़ी के निलंबन तक की मांग कर दी है।ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर राहुल और कांग्रेस इस मुद्दे पर मायावती और बसपा से भी अधिक सक्रिय क्यों दिख रही है।
खोए हुए मुस्लिम वोट को वापस लाने की कोशिश
भारत की राजनीति में एक ऐसा दौर था ,जब मुसलमानों को कांग्रेस का समर्थक बताया जाता था।बीजेपी की हिंदुत्ववादी राजनीति के खिलाफत में मुस्लिम कांग्रेस को बड़े पैमाने पर वोट करते थे।लेकिन जैसे-जैसे कांग्रेस कमजोर होती गई उनका मुस्लिम वोट बैंक उससे छिटकता गया।मुस्लिम समुदाय अब कांग्रेस की जगह बीजेपी को चुनौती देने वाले क्षेत्रीय पार्टियों के पक्ष में चली चली गई ।उदाहरण के लिए बिहार में यह आरजेडी के साथ चली गई तो उत्तर प्रदेश में यह एसपी और बीएसपी के साथ चली गई ।
कांग्रेस लगातार अपने खोए हुए इस मुस्लिम वोट बैंक को वापस लाने का प्रयास कर रही है।जहां भी मौका हाथ लगता है कांग्रेस मुसलमानों को अपनी पार्टी के पक्ष में जुड़ने का संदेश दे ही देती है।दानिश अली के मामले में उसकी सक्रियता भी कुछ इसी बात का संकेत कर रही है।
दानिश अली से मिले राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को बीएसपी के सांसद दानिश अली से मुलाकात कर एकजुटता प्रकट की। इस मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान ।उनके साथ कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेनुगोपाल भी थे। कांग्रेस ने इस मुलाकात की तस्वीर एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि संसद में बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने दानिश अली जी का अपमान किया था।उन्हें बेहद अमर्यादित और असंसदीय शब्द कहे थे ।उस समय बीजेपी के दो पूर्व मंत्री भद्दे ढंग से हंसते रहे।रमेश विधूड़ी की यह शर्मनाक और ओछीहरकत सदन की गरिमा पर कलंक है। कांग्रेस देशभर के साथ लोकतंत्र के मंदिर में नफरत और घृणा की ऐसी मानसिकता के सख्त खिलाफ है।
राहुल ने कहा अकेला नहीं हूं मैं :दानिश
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बीएसपी सांसद दानिश अली ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मेरा हौसला बढ़ाने के लिए यहां आए थे।उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में मैं अकेला नहीं हूं। इस देश का हर व्यक्ति जो देश के लोकतंत्र में विश्वास रखता है, वह आपके साथ खड़ा है। इसको दिल पर मत लीजिए अपने सेहत का ख्याल रखिए।
विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
बीएसपी सांसद दानिश अली पर संसद में किए गए आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कई सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिखकर मामले को सदन की विशेषाधिकार समिति के पास भेजने की मांग की है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, टीएमसी सांसद अपरूपा पोद्दार, डीएमके सांसद कनिमोझी, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने इस मुद्दे पर ओम बिरला को पत्र लिखा है और मांग की है कि इस मामले को संसद के विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए।दानिश अली और कुछ अन्य विपक्षी दल के नेताओं ने भी इस मामले को सदन की विशेषाधिकार समिति के पास भेजने की मांग की है।
बीजेपी ने सांसद रमेश विधूड़ी को दिया कारण बताओं नोटिस
लोकसभा में गुरुवार को चंद्रयान-3 की सफलता पर चर्चा के दौरान बीएसपी के सांसद दानिश अली पर अभद्र टिप्पणी के लिए बीजेपी ने अपने सांसद रमेश विधूड़ी को कारण बताओं नोटिस जारी किया है ।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने विधूड़ी को हिदायत देते हुए कहा है कि इसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
रमेश विधूड़ी की इस टिप्पणी को उसी समय सदन की कार्यवाही से निकाल दिया गया था और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसकी आलोचना करते हुए अपनी तरफ से खेद व्यक्त किया था। इसके बाद मामला समाप्त हो गया था।बाद में जब इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हुई और बीएसपी सांसद दानिश अली ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से इसकी शिकायत की।विपक्ष ने भी इसे मुद्दा बनाया। राजनीतिक मुद्दा बनते देख बीजेपी ने उनकी टिप्पणियों को गंभीरता से लिया है।

