न्यूज़ डेस्क
भारत और कनाडा के बीच लगातार तल्खी बढ़ती जा रही है। कनाडा में भयरत के खिलाफ और हमारी सर्कार के खिलाफ जो भी गतिविधियां चल रही है उस पर कांग्रेस ने ऐतराज जताया है और भारत सरकार से आग्रह किया है कि जो लोग कनाडा में भारत के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और तिरंगा के अपमान के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कृत्य कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
कांग्रेस ने कहा है कि भारत के तिरंगा और प्रधानमंत्री के खिलाफ जो भी कृत्य किये जा रहे हैं उसे कतई बर्दास्त नहीं किये जा सकते। कनाडा सरकार को इस तरह के कृत्य पर रोक लगाने की जरूरत है। भारत इसे कभी भी बर्दास्त नहीं कर सकता। बता दें कि कनाडा में बैठे खालिस्तानी हर रोज भारत के खिलाफ आग उगल रहे हैं और कोई न कोई बायना भारत के खिलाफ कर रहे हैं। ,
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कनाडा में खालिस्तानी तत्वों द्वारा किए गए उस विरोध प्रदर्शन की निंदा की, जिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर और कटआउट पर जूते चलाए गए और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को आग लगाया गया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भारत विरोधी खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ बिना कोई देरी के आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
अधीर रंजन ने एक पोस्ट में लिखा, “बिना कुछ कहे मैं कनाडा में खालिस्तानी तत्वों के जघन्य कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं, जिन्होंने हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्डबोर्ड आकृति को लात मारने की हिम्मत की और भारतीय ध्वज को जला दिया। भारतीय सरकार को उन भारत विरोधी आतंकवादियों के खिलाफ सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए”
बता दें कि मंगलवार को कनाडा के टोरंटो शहर में करीब 100 खालिस्तानियों ने भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को जला दिया। खालिस्तानियों के डर से कई हिंदू परिवार डर के साये में जी रहे हैं। आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से पहले भी कई बार कनाडा में रह रहे हिंदू परिवारों को देश छोड़ने की चेतावनी दी जा चुकी है।
बता दें कि जून महीने में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के कनाडा में हुई थी। बीते सप्ताह कनाडा की संसद में पीएम ट्रूडो ने इस आतंकी की हत्या में भारतीय एजेंट का हाथ बता दिया। उन्होंने वहां की पार्लियामेंट में कहा कि हमें इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि निज्जर की हत्या में भारत की संलिप्तता है। जिसके बाद भारत ने कनाडा से सबूत मांगा लेकिन कुछ नहीं मिला। उस बयान के बाद से दोनों देशों के बीच तल्खी बढ़ गयी है।

