उत्तर 24 परगना जिला की अगरपाड़ा कुसुमपुर के बटाला अंचल में खाद्य आंदोलन में शहीद हुए लोगों की याद में बनी शहीद बेदी के टूटे पाए जाने के बाद सीपीएम और टीएमसी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प शुरू हो गई।इसमें सीपीएम के 6 कार्यकर्ता घायल हो गए । आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने एक पार्षद के नेतृत्व में इस बेदी को तोड़ा था और सीपीएम कार्यकर्ताओं पर हमले किए थे।
टीएमसी और सीपीएम कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प
गौरतलब है कि 60 साल पहले खाद्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए अगरपाड़ा कुसुमपुर के बटतला इलाका में सीपीएम ने एक शहीद वेदी स्थापित की थी। सीपीएम की शहीद बेदी को तोड़ने का आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगाया गया है। आरोप है कि पार्षद हिमांशु देव के नेतृत्व में टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने सीपीएम कार्यकर्ताओं पर हमला की, उनकी पिटाई की, जिसमें सीपीएम के 6 सदस्य घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर गोला थाना की पुलिस पहुंची । घायल सीपीएम कार्यकर्ताओं को पानीहाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में काफी तनाव है।
आजाद हिंद मोड़ से निकाली थी विरोध रैली
इस घटना को लेकर वाम मोर्चा की ओर से आजाद हिंद मोड़ से एक विरोध रैली निकाली गई, जो बटतला होते हुए अगरपाड़ा स्टेशन के पास जाकर संपन्न हुई। इसमें सीपीएम नेता मानस मुखर्जी, अत्रि गुहा और गार्गी चटर्जी समेत कई सीपीएम नेता शामिल हुए ।सीपीएम नेता सुभाष चक्रवर्ती में आरोप लगाया कि इस तरह से बेदी को तोड़ना उचित नहीं , वे चाहते तो सब के साथ वार्ता कर इस शहीद बेदी को दूसरी जगह स्थानांतरित कर सकते थे ।लेकिन बिना किसी चर्चा के ही शहीद बेदी को क्षेत्रीय नगर पालिका के प्रतिनिधि हिमांशु देव राय के नेतृत्व में तृणमूल समर्थित उपद्रवियों ने ध्वस्त कर दिया।
वही टीएमसी हिमांशु देव राय ने कहा कि सीपीएम नेतृत्व द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा जब क्षेत्र के एक वरिष्ठ सीपीएम नेता ने उन्हें चर्चा के लिए मौके पर बुलाया तो उन्होंने पाया कि सीपीएम नेता तृणमूल कार्यकर्ताओं की पिटाई कर रहे हैं।इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।घटना के बाद से इलाके में पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं।

