Bihar News: बिहार के बुनियादी ढांचा विकास और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। पटना स्थित बापू टावर और वैशाली का बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप को प्रतिष्ठित CIDC विश्वकर्मा अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि को यह पुरस्कार प्रदान किया। दोनों परियोजनाओं को Best Construction Projects कैटेगरी में यह सम्मान मिला है।
मुख्यमंत्री के विजन का नतीजा: कुमार रवि
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने इस उपलब्धि को पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता मुख्यमंत्री के विजन, मार्गदर्शन और विभागीय टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
उन्होंने इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स और एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि बिहार अब आधुनिक निर्माण और आर्किटेक्चर में नई पहचान बना रहा है।
बापू टावर: गांधीजी की विरासत का आधुनिक अनुभव
पटना के गर्दनीबाग में स्थित बापू टावर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित एक अनोखा संग्रहालय है। यहां ऑडियो-विजुअल्स, म्यूरल, मूर्तियों और लघु फिल्मों के जरिए गांधीजी के जीवन, विचार और बिहार से उनके गहरे जुड़ाव को बेहद आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह टावर न सिर्फ पर्यटन का आकर्षण बन चुका है, बल्कि युवाओं और छात्रों के लिए एक लर्निंग सेंटर के रूप में भी उभर रहा है।
वैशाली का बुद्ध स्तूप: आध्यात्म और आधुनिकता का संगम
वैशाली में बना बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप बौद्ध धर्म की विरासत को जीवंत करने वाला भव्य प्रोजेक्ट है।
करीब 72 एकड़ में फैला यह परिसर भगवान गौतम बुद्ध से जुड़े स्मृति अवशेषों को संरक्षित करता है और देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख केंद्र बन चुका है।
राजस्थान के वंशी पहाड़पुर के बलुआ पत्थरों से बने इस स्तूप में भूकंपरोधी तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी संरचना लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी। यहां संग्रहालय, लाइब्रेरी, विजिटर सेंटर और एम्फीथिएटर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं।
पहले भी मिल चुके हैं कई अवॉर्ड
भवन निर्माण विभाग इससे पहले भी अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए पहचान बना चुका है। पटना का सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र और अंजुमन इस्लामिया हॉल जैसे प्रोजेक्ट भी विश्वकर्मा अवॉर्ड हासिल कर चुके हैं। यह लगातार मिल रही सफलताएं इस बात का संकेत हैं कि बिहार अब इंफ्रास्ट्रक्चर और हेरिटेज डेवलपमेंट के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पर्यटन और पहचान—दोनों को मिलेगा बढ़ावा
इन दोनों परियोजनाओं से बिहार के पर्यटन सेक्टर को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है। जहां बापू टावर युवाओं को इतिहास से जोड़ रहा है, वहीं वैशाली का स्तूप अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यह सम्मान राज्य की बदलती छवि और विकास की नई कहानी को देश-दुनिया के सामने मजबूती से पेश करता है।

