अखिलेश अखिल
लद्दाख के सीमा पर चीन क्या कुछ कर रहा है और और उसके क्या इरादे हैं यह सब अब साफ होता दिख रहा है। चीन ने अभी कल ही अपने भूभाग का नया नक्शा जारी किया है जिसमे ताइवान के साथ ही भारतीय राज्य अरुणाचल अक्साई चिन को भी अपने इलाके में शामिल कर लिया है। चीन का हालिया मानचित्र उसका सरकारी मानचित्र है। इस मानचित्र के सामने आने के बाद देश की राजनीति में उफान आ गया है। कांग्रेस के साथ ही इंडिया गठबंधन के कई नेता प्रधानमंत्री मोदी पर लगातार सवाल दाग रहे हैं।
चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक्स पर ट्वीट कर कहा था कि चीन ने सोमवार को 2023 का नया मानचित्र जारी किया है। यह नक्शा चीन और दुनिया के विभिन्न देशों की राष्ट्रीय सीमाओं की ड्राइंग पद्धति के आधार पर संकलित किया गया है। ग्लोबल टाइम्स द्वारा जारी मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को भी अपने क्षेत्र में दर्शाया है। बता दें, चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है। हालांकि, भारत ने चीन के इस मानचित्र को खारिज किया है। भारत का कहना था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और भविष्य में भी यह भारत का ही अविभाज्य हिस्सा रहेगा।
वहीं, चीन ताइवान को भी अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का उद्देश्य है कि वे ताइवान का एकीकरण करें। इसके लिए चीन वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और दक्षिण चीन सागर पर भी अपना दावा करता है।
चीन ने हाल ही में अपने मानक मानचित्र का नया संस्करण जारी किया। इसमें उसने भारत के अरुणाचल प्रदेश, अक्साई चीन, ताइवान और दक्षिण चीन सागर को अपने क्षेत्र में दिखाया है। इसी मानचित्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि चीन के दावे बेतुके हैं और यह चीन-भारत सीमा विवाद के इतिहास से प्रमाणित है।
मनीष तिवारी ने कहा कि चीन के दावे मूर्खतापूर्ण हैं। आज, भारत और चीन के बीच असली मुद्दा यह है कि चीन ने कई बिंदुओं पर एलएसी का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में सरकार को गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए कि क्या दिल्ली में उस व्यक्ति (चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग) का स्वागत करना भारत के स्वाभिमान के अनुरूप होगा, जिसने सीमा के पास दो हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर रखा है। उन्होंने कहा कि पहले कब्जा वाले क्षेत्रों को खाली कराने की जरूरत है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर संक्षेप में कहें तो चीनी मानचित्र बेतुके हैं। ये भारत-चीन सीमा विवाद के इतिहास से मेल नहीं खाते हैं, चीन का अरुणाचल प्रदेश पर कोई दावा नहीं है।
उधर ,मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि राहुल गांधी का ये दावा कि चीन, लद्दाख की पैंगोंग घाटी में घुस आया है, सही है। ‘हमारे प्रधानमंत्री ने हाल ही में ब्रिक्स सम्मेलन में शिरकत की और वहां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इसके बाद चीन ने नक्शा जारी कर दिया है। राहुल गांधी का दावा सही है कि चीन लद्दाख में पेंगोंग घाटी में घुस आया है। चीन अब अरुणाचल प्रदेश में घुसने की कोशिश कर रहा है। अगर आप में हिम्मत है तो चीन के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करके दिखाइए।’
बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बीते दिनों लेह-लद्दाख का दौरा किया था। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि केंद्र सरकार का दावा कि भारत की एक इंच जमीन भी चीन ने नहीं कब्जाई है, गलत है। राहुल गांधी ने दावा किया कि भारतीय जमीन पर चीन ने कब्जा कर लिया है और यह गहरी चिंता की बात है। कांग्रेस सांसद ने कहा था कि ‘स्थानीय लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि चीन हमारी जमीन कब्जा रहा है। इनका कहना है कि चीन के सैनिक उनके चरागाहों को छीन चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि एक इंच भी जमीन नहीं ली गई है।

