पटना 06-05-26:बिहार सरकार के कृषि विभाग ने राज्य के किसानों के लिए ‘एग्रीस्टैक’ (AgriStack) और ‘डिजिटल क्रॉप सर्वे’ (DCS) की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट साझा की है। इस समीक्षा के दौरान बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने संबंधित विभागों को डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने हेतु विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव ने राजस्व अधिकारियों (Halka Karmchari/RO/CO) के स्तर पर लंबित 8.22 लाख आवेदनों पर चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें मिशन मोड में निष्पादित करने का आदेश दिया है। राज्य के जिन 15,400+ गाँवों के मानचित्र डेटा अभी लंबित हैं, उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के समन्वय से शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य में अब तक 47,85,386 किसानों का पंजीकरण हो चुका है (55.41%)। वैशाली (112%) और शिवहर (101%) इस सूची में अग्रणी जिले हैं। राज्य के 30,416 गाँवों में से 30,015 गाँवों में सर्वे शुरू हो चुका है, जिसके तहत 1.82 करोड़ से अधिक प्लॉटों का डिजिटल सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। सर्वे के अनुसार राज्य के 24.21 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूँ (60.75%) और मक्का (14.74%) प्रमुख फसलें हैं। इसके अतिरिक्त मखाना, केला और लीची जैसी नकदी फसलों का भी सटीक डेटाबेस तैयार किया गया है।
मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि एग्रीस्टैक केवल एक डेटाबेस नहीं है, बल्कि यह किसानों के लिए ‘फसल उत्पादन से फसल बुद्धिमत्ता’ (Crop Production to Crop Intelligence) की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी, बल्कि आपदा राहत और ऋण प्रबंधन में भी क्रांतिकारी बदलाव होगा।

