बीरेंद्र कुमाfर झा
दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन के चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर दिल्ली सरकार और एलजी के बीच चल रहे टकराव के बीच सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दोनों को साथ मिलकर फैसला करना चाहिए। कलह से ऊपर उठने की नसीहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया कि वे संवैधानिक पद पर हैं।सर्वोच्च अदालत ने कहा कि एलजी और मुख्यमंत्री को एक साथ बैठकर डीईआरसी के नए चेयरमैन का नाम तय करना चाहिए।सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें नाम तय करने देने को कहा है। इस केस। की अगले सुनवाई गुरुवार को होगी।
एलजी पर मनमानी का आरोप लगा केजरीवाल गए थे सुप्रीम कोर्ट
इससे पहले 4 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने एलजी वी के सक्सेना की ओर से नियुक्त किए गए जस्टिस (रिटायर्ड )उमेश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगा दी थी। उमेश कुमार उसी दिन शपथ लेने वाली थे ।वीके सक्सेना ने 21 जून को उमेश कुमार के नाम पर मुहर लगाई थी।आम आदमी पार्टी की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इसी चुनौती देते हुए कहा था कि एलजी ने एकतरफा फैसला किया है।
मुख्य न्यायधीश ने दी हिदायत
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएम नरसिम्हार मनोज मिश्रा ने कहा कि गुरुवार को इस मुद्दे पर आगे विचार किया जाएगा। उन्होंने एलजी और मुख्यमंत्री के वकीलों को कोर्ट में आज की घटना क्रम से अवगत कराते हुए कहा कि कहा कि दोनों संवैधानिक पदाधिकारियों को राजनीतिक कलह में से ऊपर उठना होगा और उन्होंने डीईआरसी चेयरपर्सन के लिए एक नाम देना चाहिए।सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और राजभवन को यह नसीहत ऐसे समय पर दी है जब दोनों पक्षों में कई मुद्दे को लेकर टकराव है।
