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अडानी मामले पर केंद्र की चुप्पी लेकिन हिमाचल की सुक्खू सरकार का बड़ा एक्शन 

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न्यूज़ डेस्क 
अडानी संकट पर जहाँ विपक्ष हमलावर है वही केंद्र की मोदी सरकार अडानी मसले पर कुछ कहने को तैयार नहीं है। पीएम मोदी भी इस पर अभी तक कोई बयान नहीं दिए हैं जबकि विपक्ष पीएम से इस मसले पर बयान की उम्मीद कर रहा है। अडानी मसले पर केंद्र का क्या रुख होता है इस पर सबकी निगाहें तो है लेकिन हिमाचल की सुक्खू सरकार ने अडानी समूह के कारोबार पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है। हिमाचल राज्य के एक्साइज और टैक्स विभाग ने अडानी समूह के परवाणु स्थित व्यापारिक प्रतिष्ठान पर छापेमारी की है। यह छापेमारी दो दिनों से जारी है।

जानकारी के अनुसार, एक्साइज डिपार्टमेंट की टीम ने अडानी विल्मर लिमिटेड में स्टॉक का जायजा लिया है और उसके कारोबार से सम्बंधित कागजात की जांच की है। जांच से पता चला है कि अडानी समूह ने टैक्स का भुगतान नकदी के रूप में किया था और यह काफी संदेहजनक पाया गया है।

अब तक की जांच में पाया गया कि अडानी विल्मर लिमिटेड ने हिमाचल प्रदेश में बीते साल 135 करोड़ का कारोबार किया। कंपनी ने जीएसटी का सारा टैक्स इनपुट टैक्स क्रेडिट से एडजस्ट किया, जबकि टैक्स लाइबिलिटी में लगभग 10-15% कर कैश पेमेंट से देना पड़ता है, मगर अडानी ने इसे जीरो दर्शाया है। इसी पॉइंट पर विभाग अपनी जांच को आगे बढ़ा रहा है।

हिमाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार और अडानी ग्रुप के रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे। अडानी ग्रुप और ट्रक ऑपरेटरों के बीच माल ढुलाई भाड़े को लेकर विवाद चल रहा है। इसके चलते लगभग 2 महीने से अडानी ग्रुप ने हिमाचल प्रदेश में अपने दोनों सीमेंट प्लांट में प्रोडक्शन बंद कर रखा है। सीएम सुक्खू कह चुके हैं कि अडानी ग्रुप के अड़ियल रवैये के चलते इस विवाद का हल नहीं निकल पा रहा।

वहीं प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान भी कह चुके हैं कि राज्य सरकार अडानी ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई के लिए लीगल ओपिनियन ले रही है। सरकार के बार-बार आग्रह करने पर भी अडानी सीमेंट का प्रोडक्शन शुरू नहीं कर रहा है। इससे सैकड़ों ट्रांसपोर्टरों की रोजी-रोजी पर संकट आ गया है। राज्य सरकार को भी इससे लगभग 150 करोड़ का नुकसान हो गया है।

हिमाचल में अडानी ग्रुप फ्रूट कोल्ड स्टोर के अलावा राज्य में बड़े पैमाने पर करियाना के सामान की सप्लाई करता है। सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन को राशन सप्लाई के अलावा पुलिस व अन्य विभागों को भी अडानी करियाना सामान की आपूर्ति कर रहा है। कंपनी हिमाचल के बड़े-बड़े व्यापारियों को खाद्य तेल, साबुन व अन्य विभिन्न तरह का सामान सप्लाई करती है।बताया जा रहा है कि अडानी ने हिमाचल प्रदेश में 7 विभिन्न कंपनियों के नाम पर GST नंबर ले रखे हैं। इनमें से 5 नंबर एक तरह से बंद हैं, जिन पर काम नहीं हो रहा। अन्य 2 कंपनियां कोल्ड स्टोर और राशन सप्लाई का काम कर रही हैं।

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