बीरेंद्र कुमार झा
केशव प्रसाद मौर्य के बाद एक और मंत्री ने किया अखिलेश यादव का समर्थन
बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश में जातिगत जनगणना (Caste Census) की मांग तेज होते जा रही है। बीते कुछ दिनों से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) इसकी मांग कर रहे हैं।इस मुद्दे पर राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) अखिलेश यादव की मांग का पहले ही समर्थन कर चुके है। इसके बाद अब योगी सरकार के एक और मंत्री द्वारा जातिगत जनगणना की मांग पर सपा प्रमुख का समर्थन कर दिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति तेजी से गरमाने लगी है।
केशव प्रसाद मौर्य जातिगत जनगणना पर कर चुके हैं अखिलेश यादव का समर्थन
दरअसल, बीते दिनों अखिलेश यादव ने जातिगत जनगणना की मांग को लेकर गांव-गांव जाने की बात कही थी। जिसके बाद केशव प्रसाद मौर्य से इस मांग पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था, कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए।मैं जातिगत जनगणना का समर्थन करता हूं। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।लेकिन अब योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव की इस मांग का समर्थन कर दिया है।
मंत्री संजय निषाद का बयान
योगी सरकार के मंत्री संजय निषाद से जब अखिलेश यादव द्वारा जातिगत जनगणना के लिए गांव गांव जाने की बात को लेकर यो सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि मैं कहता हूं कि जातियों की जनगणना होनी चाहिए।लेकिन पिछली सरकारों ने गलत ढंग से जातियों की विसंगती कर दी है है। हम अनुसूचित जाति में 70 लाख थे और मधवार के नाम से गिने जाते थे। लेकिन इन लोगों ने हमें गिनते गिनते सात हजार कर दिय और हमारा नाम फर्जी पिछड़ी जाति में डाल दिया। वे पहले जातियों को स्थापित करें कि किसे कहां गिनेंगे।
अखिलेश यादव जातिगत जनगणना को बना रहे राजनीतिक हथियार
बिहार में नीतीश कुमार सरकार द्वारा बिहार में जातिगत जनगणना कराई गई।इसके बाद उत्तर प्रदेश में भी जातिगत जनगणना को लेकर राजनीति शुरू हो गई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि जाति जनगणना कोई आज की मांग नहीं है। अंग्रेजों ने किसी जमाने में इस पर समझौता किया। संविधान के अधिकार हमें तभी मिल सकते हैं, जब जातिगत जनगणना से इनकी सही स्थित का पता हो। हम समाजवादियों का मानना है कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए।इसके बाद अखिलेश यादव ने कहा है कि अगर हमारी सरकार आती है तो हम तीन महीने के अंदर जातिगत जनगणना करा सकते हैं।
जातिगत जनगणना पर योगी मंत्रिमंडल के मंत्री का समर्थन वाली राजनीति।
अखिलेश यादव की जातिगत जनगणना वाली मांग को केशव प्रसाद मौर्य के बाद मंत्री संजय निषाद का समर्थन मिल चुका है। यह स्थिति तब है जबकि सरकार ने केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से जातिगत जनगणना कराने की मांग को खारिज कर दिया है और उत्तर प्रदेश में बीजेपी के सरकार होने के कारण सरकार ने भी इस मांग से किनारा कर लिया है। इस समय बीजेपी 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर काफी सक्रिय हो गई है। इसी के तहत यह एक – एक वोट जुगाड़ में राज्य में उठने वाले एक – एक मुद्दे पर नजर बनाए हुए है। विरोधियों द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों को उनसे छीनकर या उसकी हवा निकालकर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए यह कभी चार कदम आगे तो कभी एक कदम पीछे की नीति अपनाकर चल रही है। योगी मंत्रिमंडल में रहते हुए अखिलेश यादव की जातिगत जनगणना का समर्थन करने वाले मंत्री इसी के तहत काम करते नजर आ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जातिगत जनगणना मामले में अखिलेश का समर्थन कर अखिलेश यादव के ही समान बीजेपी को भी पिछड़ी जातियों का रहनुमा बताकर पिछड़ी जातियों का समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं तो वही संजय निषाद जैसे मंत्री जातियों की विसंगतियों की बात उठाकर जातियों को उप जातियों में विभाजित कर जातिगत जनगणना वाले फल का सारा गुदा बीजेपी के हाथ और अखिलेश के हाथ सिर्फ इस फल का छिलका ही छोड़ने मैं लग गए हैं।

